रांजाबुरु खदान बंदी के दौरान हाईवा चालक से मारपीट का आरोप, गंभीर हालत में भुवनेश्वर रेफर

गुवा संवाददाता। स्थानीय रोजगार और पूर्व में हुए लिखित समझौते को लागू कराने की मांग को लेकर रांजाबुरु खदान में सोमवार सुबह से शुरू हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन के बीच हाईवा चालक के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना में एक चालक गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए भुवनेश्वर रेफर किया गया है। वहीं, दो अन्य घायल चालकों का इलाज गुवा सेल अस्पताल में चल रहा है।

घायल हाईवा चालक रविंद्र पासवान ने आंदोलनकारियों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। रविंद्र के अनुसार, उसे पहले से खदान बंदी की जानकारी थी, लेकिन मां सरला कंपनी के सुपरवाइजर के निर्देश पर चालकों को माइंस भेजकर लौह अयस्क की ढुलाई कराई जा रही थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में महिला-पुरुष आंदोलनकारी वहां पहुंचे।
रविंद्र का आरोप है कि आंदोलनकारियों के हाथों में डंडे और पत्थर थे और उन्होंने उसके साथ मारपीट की। उसके अनुसार, कुछ अन्य हाईवा चालकों के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई, जबकि कुछ चालकों को दौड़ाया गया। जान बचाने के लिए चालक अपने वाहन छोड़कर झाड़ियों और अन्य स्थानों की ओर भाग गए।
घटना के बाद घायल रविंद्र पासवान को इलाज के लिए सेल गुवा अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए भुवनेश्वर रेफर कर दिया। वहीं, दो अन्य घायल चालकों का इलाज गुवा सेल अस्पताल में जारी है।
आंदोलनकारियों ने आरोपों से किया इनकार
इधर, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल ने आंदोलनकारियों पर लगाए गए मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय रोजगार और पूर्व में हुए समझौते को लागू कराने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जा रहा है।
राजू सांडिल के मुताबिक, खदान बंदी की घोषणा पहले ही कर दी गई थी। इसके बावजूद कुछ हाईवा से लौह अयस्क की ढुलाई किए जाने की जानकारी मिलने पर आंदोलनकारी परिवहन बंद कराने के लिए वहां पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि आंदोलनकारियों को देखकर चालक अपने-अपने वाहन छोड़कर झाड़ियों और खाई की ओर भागने लगे। इस दौरान किसी को चोट लगी होगी तो इसकी जानकारी उन्हें नहीं है, लेकिन किसी आंदोलनकारी ने चालक के साथ मारपीट नहीं की।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पुलिस ने गुवा सेल अस्पताल पहुंचकर घायल चालक का बयान भी दर्ज किया।
थाना प्रभारी नीतीश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविकता और मारपीट के आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
फिलहाल रांजाबुरु खदान क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। आंदोलन, खदान बंदी और हाईवा चालक के घायल होने की घटना के बाद पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।




