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Jamshedpurकोल्हान

करनडीह में वर्षों पुरानी जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान की कवायद तेज, सांसद विद्युत वरण महतो ने किया प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण

जमशेदपुर: जमशेदपुर प्रखंड के करनडीह रेलवे फाटक के समीप पिछले कई वर्षों से चली आ रही जलजमाव की गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अब पहल तेज हो गई है। लगातार जलजमाव के कारण परेशान दक्षिण करनडीह और उत्तरी करनडीह पंचायत के ग्रामीणों ने मंगलवार को सांसद विद्युत वरण महतो से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया था। ग्रामीणों की शिकायत और समस्या की गंभीरता को देखते हुए सांसद ने बुधवार को दोनों पंचायतों के प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया।

स्थल निरीक्षण के दौरान जमशेदपुर प्रखंड के एई और जेई के अलावा दोनों पंचायतों के जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। सांसद ने मौके पर जलजमाव की स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर समस्या के कारणों तथा अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी ली। इसके बाद ग्रामीणों के साथ बैठक कर जल निकासी की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

नाली जाम होने से घरों और फ्लैटों का पानी सड़क पर जमा

ग्रामीणों ने सांसद को बताया कि क्षेत्र में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने और नालियों के जाम रहने के कारण घरों तथा फ्लैटों से निकलने वाला पानी सड़क पर जमा हो जाता है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। सड़क पर लंबे समय तक पानी जमा रहने से लोगों को पैदल चलने के साथ-साथ वाहनों से आवागमन में भी परेशानी होती है।

ग्रामीणों के अनुसार जलजमाव के कारण सड़क की स्थिति भी प्रभावित हो रही है। वहीं, सड़क पर जमा पानी के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लंबे समय से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही थी।

करीब एक करोड़ रुपये की लागत से नाली निर्माण की योजना

निरीक्षण के बाद सांसद विद्युत वरण महतो ने बताया कि करनडीह क्षेत्र की जल निकासी समस्या के समाधान को लेकर उन्होंने जिले के उपायुक्त, रेलवे के जीएम और डीआरएम से फोन पर बातचीत की है। उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से समस्या के स्थायी समाधान के लिए डीपीआर तैयार कराया जाएगा।

सांसद ने बताया कि करीब एक करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ी नाली का निर्माण कराने की योजना है। प्रस्तावित नाली को सुंदरनगर कैनाल से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है, ताकि क्षेत्र से पानी की निकासी व्यवस्थित तरीके से हो सके। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार से आवश्यक फंड उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी।

उन्होंने कहा कि डीपीआर तैयार होने और आवश्यक स्वीकृति एवं राशि उपलब्ध होने के बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। योजना पूरी होने पर करनडीह क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से चली आ रही जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

सड़क निर्माण के साथ दोनों ओर नाली बनाने की मांग

सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि परसुडीह से करनडीह चौक तक प्रस्तावित सड़क निर्माण के दौरान सड़क के दोनों ओर नाली का निर्माण भी कराया जाना जरूरी है। यदि सड़क निर्माण के साथ जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में फिर से जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर आरईओ विभाग के कार्यपालक अभियंता से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया जाएगा और सड़क निर्माण योजना में दोनों ओर नाली निर्माण को शामिल करने की मांग की जाएगी। सांसद ने कहा कि सड़क और नाली की योजना को आपस में जोड़कर काम किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को लंबे समय तक राहत मिल सके।

ग्रामीणों में जगी उम्मीद, लेकिन तत्काल राहत की मांग

पूर्व जिला परिषद सदस्य सुदीप्तो डे ने सांसद द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण और पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से चली आ रही समस्या को लेकर पहली बार स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल दिखाई दे रही है। इससे स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में उन्हें जलजमाव से राहत मिल सकेगी।

हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि डीपीआर तैयार होने, प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने और नाली का निर्माण शुरू होने में समय लग सकता है। ऐसे में तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कर लोगों को राहत देने की जरूरत है। ग्रामीणों ने चिंता जताई कि नाली जाम रहने की स्थिति में आने वाले पर्व-त्योहारों के दौरान भी लोगों को सड़क पर जमा दूषित पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ सकता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और रेलवे से मांग की कि स्थायी योजना पर काम शुरू होने तक नाली की सफाई और अस्थायी जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि लोगों को तत्काल राहत मिल सके।

निरीक्षण के दौरान ये लोग रहे मौजूद

स्थल निरीक्षण और बैठक के दौरान राणा डे, मानिक मल्लिक, ईश्वर सोरेन, मुखिया सरस्वती टुडू, शंकर, अभय चौबे समेत दक्षिण करनडीह और उत्तरी करनडीह पंचायत के कई जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे। सांसद ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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