कोल्हानझारखंड

Goilkera : आजादी के बाद भी अधूरी सड़क की आस, वन पोसौता–पोसैता स्टेशन मार्ग निर्माण की मांग तेज

6 किलोमीटर सड़क निर्माण का वर्षों पुराना सपना अब भी अधूरा, ग्रामीणों ने प्रशासन से की पहल की मांग

  • लिखित आश्वासन के बावजूद अधर में लटका है निर्माण कार्य
  • रेलवे स्टेशन और प्रखंड मुख्यालय तक पहुंच होगी आसान
  • मरीजों, छात्रों और दैनिक यात्रियों को झेलनी पड़ रही कठिनाई

गोइलकेरा : गोइलकेरा प्रखंड के कायदा पंचायत अंतर्गत वन पोसौता से पोसैता रेलवे स्टेशन तक सड़क निर्माण का मामला एक बार फिर चर्चा में है। ग्रामीणों का कहना है कि आज़ादी के बाद से अब तक इस लगभग 6 किलोमीटर लंबे ग्रामीण मार्ग का पक्की सड़क के रूप में निर्माण नहीं हो सका है। वर्षों से सड़क निर्माण की मांग उठती रही है, लेकिन आज तक इसका समाधान नहीं निकल पाया। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा कई बार सड़क निर्माण का आश्वासन दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम शुरू नहीं हुआ। इससे ग्रामीणों में निराशा और नाराजगी दोनों बढ़ रही है।

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वोट बहिष्कार की चेतावनी के बाद भी नहीं बनी सड़क

ग्रामीणों का आरोप है कि जब वर्तमान सांसद विधायक थीं, तब भी सड़क निर्माण का आश्वासन दिया गया था। बाद में सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार का निर्णय लिया था। इसके बाद गोइलकेरा के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) द्वारा ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया गया कि सड़क निर्माण की दिशा में पहल की जाएगी। हालांकि, वर्षों बीत जाने के बाद भी यह आश्वासन कागजों तक ही सीमित रह गया। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से लोगों का भरोसा कमजोर पड़ रहा है।

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कई गांवों के लिए जीवनरेखा साबित होगी यह सड़क

वन पोसौता–पोसैता रेलवे स्टेशन मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के कई गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीणों के अनुसार, वन पोसौता के अलावा रोंगो, बगैरकिया, लांबिया और बलिया समेत आसपास के गांवों के लोगों को रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में काफी सुविधा होगी। साथ ही गोइलकेरा प्रखंड मुख्यालय तक आवागमन भी सुगम हो जाएगा। यह सड़क क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ग्रामीणों का मानना है कि सड़क बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी।

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बारिश में बढ़ जाती है ग्रामीणों की परेशानी

वर्तमान में यह मार्ग कच्चा होने के कारण बरसात के मौसम में बेहद खराब स्थिति में पहुंच जाता है। सड़क पर कीचड़ और फिसलन के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है, जबकि वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसका सबसे अधिक असर मरीजों, स्कूली बच्चों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों पर पड़ता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि पूर्व में दिए गए लिखित आश्वासनों को अमल में लाते हुए जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

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