
चाईबासा: ताम्बो चौक से समाहरणालय तक सड़क किनारे संचालित छोटे ठेला, गुमटी और अन्य रोजगार के साधनों को 24 घंटे के अंदर हटाने के लिए सदर अंचल कार्यालय की ओर से जारी नोटिस पर आदिवासी हो समाज युवा महासभा ने आपत्ति जताई है। महासभा ने प्रशासन से पहले चाईबासा शहर में चिन्हित अतिक्रमण हटाने और इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कार्रवाई करने की मांग की है।
गुरुवार को हरिगुटु स्थित आदिवासी हो समाज महासभा कला एवं संस्कृति भवन में प्रदेश कमेटी और जिला समिति की आपात बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष गोविंद बिरुवा ने की। इस दौरान ताम्बो चौक से समाहरणालय तक सड़क किनारे रोजगार करने वाले लोगों को जारी नोटिस और प्रस्तावित कार्रवाई पर चर्चा की गई।
महासभा के पदाधिकारियों के अनुसार, कुछ माह पूर्व सदर अंचल कार्यालय की ओर से चाईबासा शहर की विभिन्न सड़कों पर अतिक्रमण वाले स्थानों को चिह्नित किया गया था। अमीन से मापी के बाद कई दुकानों और मकानों पर लाल निशान भी लगाए गए थे। संगठन का दावा है कि शहर में अतिक्रमण को लेकर करीब 76 लोगों को नोटिस दिया गया था, लेकिन अब तक चिन्हित स्थानों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया है।
महासभा ने कहा कि ताम्बो चौक से समाहरणालय तक कई छोटे कारोबारी सड़क किनारे व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। इनमें कई युवक-युवतियां रोजगार के साथ पढ़ाई भी कर रहे हैं। ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक हटाने से उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।
संगठन ने प्रशासन से दुकानदारों और स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर समाधान निकालने तथा कार्रवाई से पहले वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। महासभा ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में समानता, पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया।
बैठक में जिला अध्यक्ष शेर सिंह बिरुवा, जिला सचिव ओयबन हेम्ब्रम, संयुक्त सचिव सुरेंद्र पुरती, कोषाध्यक्ष सत्यभरत बिरुवा, प्रदेश कोषाध्यक्ष शंकर सिंदु, टटका हेम्ब्रम, विनोद चातार, थॉमस बिरुवा सहित अन्य पदाधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे। संगठन ने कहा कि बिना वार्ता और वैकल्पिक व्यवस्था के कार्रवाई होने पर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से विरोध किया जाएगा।




