मंझारी में पीड़ित मुआवजा योजना को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम, ग्रामीणों को बताए अधिकार और आवेदन की प्रक्रिया

चाईबासा। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पश्चिमी सिंहभूम मोहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में डीएलएसए चाईबासा की ओर से मंझारी प्रखंड कार्यालय सभागार में पीड़ित मुआवजा योजना को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों को विभिन्न आपराधिक घटनाओं और दुर्घटनाओं में पीड़ितों को मिलने वाली मुआवजा राशि, कानूनी प्रावधानों तथा आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। सहायक एलएडीसी रत्नेश कुमार ने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण पीड़ितों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके पुनर्वास और गरिमापूर्ण जीवन के लिए भी प्रयास करता है।
उन्होंने कहा कि आपराधिक मामलों एवं सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ित मुआवजा प्राप्त करने के लिए वरीय पुलिस पदाधिकारी, पीएलवी के माध्यम से अथवा सीधे डीएलएसए कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि तेजाब हमले के पीड़ित, दुष्कर्म पीड़ित, पॉक्सो मामलों के पीड़ित, आपराधिक घटनाओं में शारीरिक क्षति झेलने वाले व्यक्ति, मानव तस्करी के शिकार लोगों तथा बाल उत्पीड़न के मामलों में पीड़ितों के पुनर्वास के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इस अवसर पर पीएलवी मालती सुन्डी, नीता कोड़ा, भरभरिया पंचायत के बासुदेव गोप और मदन नायक सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। अधिकार मित्रों ने भी ग्रामीणों को उनके विधिक अधिकारों और पीड़ित मुआवजा योजना के संबंध में जानकारी दी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम से संबंधित जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रवि चौधरी ने दी।




