कोल्हानझारखंड

Gua : बारिश से जीरो पॉइंट में जलजमाव, दो घंटे प्रभावित रहा उत्पादन कार्य

जलभराव और सुरक्षा जोखिमों को लेकर मजदूरों का विरोध, प्रबंधन के आश्वासन के बाद बहाल हुआ कामकाज

  • श्रमिकों की मांगों पर सहमति, स्थायी समाधान की दिशा में बढ़ा कदम

गुवा : मंगलवार सुबह से लगातार हुई बारिश के कारण गुवा सेल खदान के जीरो पॉइंट क्षेत्र में भारी जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। पानी भर जाने से वहां स्थित कार्यालय और कार्यस्थल पर काम करना सेल कर्मियों एवं ठेका श्रमिकों के लिए कठिन हो गया। समस्या से नाराज झारखंड मजदूर संघर्ष संघ (जेएमएसएस) के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे के नेतृत्व में कर्मचारियों और श्रमिकों ने विरोध जताते हुए उत्पादन कार्य रोक दिया। जलभराव के कारण कार्यक्षेत्र में आवागमन प्रभावित हुआ और कर्मचारियों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। श्रमिकों का कहना था कि ऐसी स्थिति में काम करना न केवल असुविधाजनक है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर खतरा पैदा करता है।

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जलजमाव से बढ़ा हादसों का खतरा, यूनियन ने उठाए सुरक्षा के मुद्दे

करीब एक घंटे तक उत्पादन प्रभावित रहने के बाद सेल के सीजीएम चंद्र भूषण कुमार, एचआर महाप्रबंधक प्रवीण कुमार, माइंस मैनेजर डीजीएम मिलन नंदी तथा जीरो पॉइंट के एचओडी आरके सिन्हा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने यूनियन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या पर विस्तृत चर्चा की। यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने कहा कि प्रत्येक वर्ष बारिश के मौसम में जीरो पॉइंट क्षेत्र जलमग्न हो जाता है, जिससे मजदूरों को जोखिम भरे माहौल में काम करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कार्यालय में पानी भरने, कार्यस्थल पर कीचड़ जमा होने और फिसलकर दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा बिजली का करंट लगने जैसे खतरे भी लगातार बने रहते हैं। यूनियन ने डोजर की खराब स्थिति पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इसके बावजूद कर्मचारियों पर काम का दबाव बनाया जाता है।

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एक सप्ताह में शेड और कार्यालय निर्माण शुरू करने का आश्वासन

बैठक के दौरान यूनियन की ओर से मांग की गई कि जीरो पॉइंट से हटकर सुरक्षित स्थान पर मजदूरों के आराम के लिए तीन शेड तथा कार्यालय की व्यवस्था की जाए। इस पर सीजीएम चंद्र भूषण कुमार ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि वैकल्पिक स्थान पर तीन शेड और कार्यालय निर्माण का कार्य एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ कर दिया जाएगा। प्रबंधन के इस आश्वासन के बाद श्रमिकों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और उत्पादन कार्य पुनः शुरू हो गया। यूनियन ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान जल्द किया जाएगा, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान कर्मचारियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

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