Welcome to Kolhan Samachar Live   Click to listen highlighted text! Welcome to Kolhan Samachar Live
कोल्हान

19 सितंबर को कायदा में मनाई जाएगी गुरु कोल लको बोदरा की जयंती, ‘हो’ भाषा और ब्हारङ्ग क्षिति लिपि के संरक्षण पर रहेगा जोर

चाईबासा: ‘हो’ भाषा ब्हारङ्ग क्षिति लिपि के खोजकर्ता गुरु कोल लको बोदरा की जयंती 19 सितंबर 2026 को पश्चिम सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड के कायदा में संयुक्त रूप से मनाई जाएगी। जयंती समारोह की तैयारियों को लेकर सोमवार को ग्राम पंचायत सभागार, गोइलकेरा में आदिवासी ‘हो’ समाज महासभा, प्रखंड समिति गोइलकेरा की बैठक पातोर जोंको की अध्यक्षता में हुई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि जयंती समारोह को केवल नाच-गान और जन्मोत्सव तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसके माध्यम से ‘हो’ भाषा, ब्हारङ्ग क्षिति लिपि और सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के साथ नई पीढ़ी को गुरु कोल लको बोदरा के योगदान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। समारोह में गोइलकेरा, मनोहरपुर और सोनुवा प्रखंड की संयुक्त सहभागिता रहेगी।

बैठक में कायदा स्थित गुरु कोल लको बोदरा की प्रतिमा पर छत निर्माण कराने तथा गोइलकेरा सरना चौक में रखे पत्थर को ‘दिरि बिड’ के रूप में स्थापित करने का निर्णय लिया गया।

इसके अलावा 7 सितंबर 2026 को चक्रधरपुर डिविजन के DRM को पूर्व में सौंपे गए ज्ञापन के संदर्भ में पुनः स्मरण एवं आवश्यक पहल करने का निर्णय लिया गया। इसी दिन जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जिले के प्रत्येक गांव में ‘हो’ भाषा ब्हारङ्ग क्षिति लिपि में मौजा पहचान संबंधी साइन बोर्ड स्थापित कराने की मांग की जाएगी। प्रस्तावित साइन बोर्ड में मौजा का नाम, मुंडा का नाम तथा पीड़ एवं इलाका मानकी का नाम अंकित करने की बात कही गई।

बैठक में बताया गया कि साइन बोर्ड के माध्यम से पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, स्थानीय पहचान और ‘हो’ भाषा-लिपि को सार्वजनिक रूप से संरक्षित एवं स्थापित करने में मदद मिलेगी।

जयंती समारोह का आयोजन आदिवासी ‘हो’ समाज महासभा गोइलकेरा, मनोहरपुर एवं सोनुवा, मानकी-मुंडा संघ अंचल कमेटी गोइलकेरा, मुखिया संघ प्रखंड समिति गोइलकेरा तथा ‘हो’ भाषा ब्हारङ्ग लिपि विकास समिति कायदा के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विभिन्न उपसमितियों का गठन कर जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं।

बैठक के अंत में गोइलकेरा पंचायत की मुखिया सुनिता मेराल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कहा कि सभी की सामूहिक सहभागिता से जयंती समारोह को सफल और प्रभावशाली बनाया जाएगा।

बैठक में मनोज कुमार चाम्पिया, बलराम सुरिन, रमेश सुरिन, कृष्ण डांगिल, सोनाराम कोड़ाह, उदय चेरोवा, रामचंद्र चेरोवा, रमेश बोदरा, प्रताप सिंह हेम्ब्रोम, सुमित्रा बोयपाई, पुनम बन्डरा, सुखलाल डांगिल, बामिया सुरिन सहित तीनों प्रखंडों के सामाजिक प्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि, मानकी-मुंडा, तुर्तुङ शिक्षक एवं कॉर्डिनेटर, समाजसेवी, बुद्धिजीवी और भाषा-प्रेमी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!