Musabani : झारखण्ड आंदोलन स्वर्गीय रामदास माहली की 16 वीं पुण्यतिथि पर बच्चों के बीच पाठ्य सामग्री का वितरण

मुसाबनी : पुर्वी सिहभूम जिले के मुसाबनी प्रखण्ड अन्तर्गत पाथरगोडा लिपुडीह में मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्मानित झारखण्ड आंदोलन के सेनानी स्वर्गीय रामदास माहली की 16 वीं पुण्यतिथि उनके पैतृक आवास में मनाई गई। इस दौरान उपस्थित नेताओं ने स्वर्गीय रामदास माहली की तस्वीर पर माल्यार्पण किया और आन्दोलन के दौरान उनके संघर्ष और बलिदान को याद किया तथा उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मौजूद रीता हेम्ब्रम ने बताया कि अलग राज्य की लड़ाई के खातिर उन्होंने अपना सर्वस्व न्योवछावर कर दिया। अलग राज्य का जुनून इस कदर छाया था कि रामदास माहली अविवाहित रहे। 26 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए। चार बार घर की कुर्की जब्ती हुई। उनके पूरे परिवार को मानसिक एवं शारीरिक यातनाएं सहनी पड़ी।
श्रद्धांजलि सभा मे बच्चों के बीच पाठ्य सामग्री बांटी गई। सामाजसेवी आनन्द हेम्ब्रम ने कहा कि झारखण्ड अलग राज्य की लड़ाई में लाखों आंदोलनकारियों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई आंदोलनकारियों ने अपने प्राणों की आहूति दी । जिसके उपरांत झारखण्ड अलग राज्य बना। परन्तु इसे सजाने और संवारने की जिम्मेदारी युवाओं और बच्चों की है, इसीलिए हर बच्चों को शिक्षित होना जरूरी है, ताकि वे अपने हक और अधिकार के बारे मे जान सके और अपने मौलिक अधिकार प्राप्त कर सके।
श्रद्धांजलि सभा में आंदोलनकारी मंच की ओर से वरिष्ठ नेता कान्हू सामंत, संतोष सोरेन, सुराई बास्के, अंतु हांसदा, मुखिया दुलाल माहली, सिकन्दर साह, झारखंडी भाषा -भाषी मूलनिवासी संघ के संजय बेहरा, मुकेश कर्मकार, सोमाय सोरेन, आनन्द हेम्ब्रम, रामदास माहली की दीदी रीता हेम्ब्रम, सुनीता किस्कू, दीपा माहकुड, एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
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