
चाईबासा /प्रकाश गुप्ता:ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) ने सरकार की हालिया घोषणा को लोकतांत्रिक छात्र आंदोलन की आंशिक जीत बताया है। संगठन के प्रदेश सचिव सोहन महतो ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि छात्रों के लगातार 14 दिनों तक चले धरना और भूख हड़ताल के दबाव में सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए मजबूर होना पड़ा !

सोहन महतो ने आंदोलन में शामिल छात्रों, युवाओं, शिक्षाविदों, अभिभावकों और शिक्षा-प्रेमी जनता का अभिनंदन करते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं ने अपने लोकतांत्रिक अधिकारों एवं न्यायपूर्ण मांगों को लेकर दृढ़ता और एकजुटता के साथ आंदोलन किया। उन्होंने कहा कि इसी संघर्ष के परिणामस्वरूप सरकार ने मांगों को लेकर घोषणा की है।
AIDSO ने स्पष्ट किया कि केवल घोषणा कर देना पर्याप्त नहीं है। सरकार को अपने वादों को जल्द से जल्द ठोस रूप में लागू करना चाहिए। संगठन के अनुसार, जब तक घोषित मांगों को वास्तविक रूप से लागू नहीं किया जाता, तब तक छात्रों की मूल समस्याओं का समाधान संभव नहीं होगा।
संगठन ने शिक्षा के क्षेत्र में भ्रष्टाचार, अनियमितता और धांधली के खिलाफ संघर्ष तेज करने की बात कही। AIDSO का आरोप है कि शिक्षा का निजीकरण और व्यापारीकरण आम छात्रों के शिक्षा के अधिकार को प्रभावित करता है। संगठन ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का विरोध करने की बात कही।
AIDSO ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने, भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं पर रोक लगाने तथा सरकारी शिक्षण संस्थानों को पर्याप्त संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
संगठन के कार्यालय सचिव एस. माँझी ने छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा-प्रेमी जनता से शिक्षा में भ्रष्टाचार, निजीकरण एवं व्यापारीकरण के खिलाफ आंदोलन को और व्यापक एवं मजबूत बनाने का आह्वान किया।




