लुआबासा पुलिया की बदहाली पर ग्रामीणों का अनोखा विरोध, सुरक्षित यात्रा की कामना को लेकर किया हवन

जमशेदपुर। अन्ना चौक से एनएच-33 मुख्य राजमार्ग और स्टेट हाईवे को जोड़ने वाली लुआबासा पुलिया की जर्जर हालत को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। वर्षों से बदहाल इस पुलिया से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मजदूर, राहगीर और भारी वाहन गुजरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया की खराब स्थिति के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

पुलिया की बदहाली और लंबे समय से मरम्मत नहीं होने से परेशान एक ग्रामीण ने रविवार को अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीण ने पुलिया के पास हवन किया। हालांकि, ग्रामीण के अनुसार यह हवन किसी धार्मिक आयोजन के उद्देश्य से नहीं किया गया था, बल्कि पुलिया से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षित यात्रा की कामना के लिए किया गया। उनका कहना था कि जर्जर रास्ते के कारण किसी परिवार को अपने सदस्य को सड़क हादसे में नहीं खोना पड़े, इसी भावना के साथ उन्होंने हवन किया।

पुलिया से रोज गुजरते हैं सैकड़ों लोग और भारी वाहन
ग्रामीणों के मुताबिक लुआबासा पुलिया क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। अन्ना चौक से एनएच-33 और स्टेट हाईवे की ओर आने-जाने वाले लोगों के अलावा मजदूरों तथा भारी वाहनों की आवाजाही भी इस रास्ते से होती है। पुलिया की स्थिति खराब होने के कारण लोगों को काफी सावधानी के साथ आवागमन करना पड़ता है। बारिश के दौरान समस्या और बढ़ने की बात भी ग्रामीणों ने कही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया की जर्जर स्थिति को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो किसी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
पुलिया की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति भी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के जिला पार्षद, विधायक और सांसद इसी क्षेत्र से होकर गुजरते हैं, लेकिन वर्षों से पुलिया की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। लोगों का आरोप है कि चुनाव के दौरान सड़क, पुल-पुलिया और विकास कार्यों को लेकर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद आम लोगों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
छह महीने पहले डीसी को दिया गया था आवेदन
ग्रामीणों ने बताया कि करीब छह महीने पहले पुलिया की मरम्मत की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था। इसके बाद उपायुक्त को आवेदन सौंपकर लुआबासा पुलिया की मरम्मत कराने की मांग की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि आवेदन देने के बावजूद अब तक मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ है। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया की हालत लगातार खराब होती जा रही है और इसे केवल एक सड़क की समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह रास्ता रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के आवागमन का माध्यम है, इसलिए इसकी मरम्मत को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
हवन के जरिए प्रशासन को संदेश
ग्रामीण द्वारा किया गया हवन अब इस पूरे मामले में चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों ने इस अनोखे तरीके से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक अपनी चिंता पहुंचाने की कोशिश की है। उनका संदेश साफ है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते पुलिया की मरम्मत कराई जाए।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों के इस अनोखे विरोध के बाद प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और लुआबासा पुलिया की मरम्मत कब शुरू होती है। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द पुलिया का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि इस महत्वपूर्ण मार्ग से गुजरने वाले लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।




