चाईबासा में ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026’ पर जिला स्तरीय कार्यशाला, जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर
स्वच्छता की दिलाई गई शपथ, जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना; 2 अक्टूबर तक जिलेभर में चलेंगी विभिन्न गतिविधियां

चाईबासा: स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन और जिले में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरीन ने की। इस दौरान अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाने और स्वच्छता को लोगों की नियमित आदत से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
पदाधिकारियों और प्रतिभागियों ने ली स्वच्छता की शपथ
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों, कर्मियों और अन्य प्रतिभागियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। सभी ने स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने, सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने और आम लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
इसके बाद स्वच्छता ही सेवा अभियान से संबंधित जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। बताया गया कि यह वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट के उचित प्रबंधन, कचरे के पृथक्करण और स्वच्छ व्यवहार अपनाने के प्रति लोगों को जागरूक करेगा। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता के संदेश के साथ गुब्बारे भी उड़ाए गए।
17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
कार्यशाला में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 की कार्ययोजना और प्रस्तावित गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण एवं जल जीवन मिशन की टीम, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधन इकाई तथा चयनित जल सहियाओं ने भाग लिया।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की दी गई जानकारी
यूनिसेफ वॉश टीम-आईडीएफ के संसाधन व्यक्ति ने स्वच्छता ही सेवा अभियान और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 पर प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें कचरे के संग्रहण, स्रोत स्तर पर पृथक्करण, प्रसंस्करण और उचित निस्तारण से संबंधित जानकारी साझा की गई।
स्वच्छता को नियमित आदत बनाने की अपील
जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरीन ने कहा कि स्वच्छता को केवल किसी अभियान तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे लोगों की नियमित आदत बनाने की आवश्यकता है।
उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने संबंधित विभागों को नियमावली से जोड़कर अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित करने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
कार्यशाला में चाईबासा एवं चक्रधरपुर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।




