
चाईबासा:प्रकाश गुप्ता :JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं के खिलाफ रांची में आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर छात्र संघ, चाईबासा ने कड़ी नाराजगी जताई है। छात्र नेता पीपुन बारीक ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।

पीपुन बारीक ने कहा कि विद्यार्थी अपने भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। ऐसे में उनके खिलाफ लाठीचार्ज करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर समाधान करना चाहिए, न कि दमनात्मक कार्रवाई के जरिए आंदोलन को दबाने का प्रयास करना चाहिए।
छात्र संघ ने झारखंड सरकार से JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय CBI जांच कराने की मांग की है। संघ ने कहा कि जिन परीक्षाओं में अनियमितता सामने आई है, उन्हें रद्द कर पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित किया जाना चाहिए।
इसके अलावा संघ ने 10 अगस्त के आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
छात्र संघ ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ और परीक्षा व्यवस्था में अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संघ आंदोलनरत विद्यार्थियों के साथ खड़ा है और छात्र हित में लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा।
इस दौरान मधुसूदन तिरिया, शिवशंकर बेहरा और समित कालिंदी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
🔴 प्रमुख मांगें
JPSC-JSSC परीक्षाओं की कथित गड़बड़ियों की CBI जांच
अनियमितता वाली परीक्षाओं को रद्द कर पुनः परीक्षा
10 अगस्त के लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच
दोषी अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
विद्यार्थियों की मांगों पर सरकार की तत्काल पहल




