जयालक्ष्मी नाट्य कला मंदिरम ने सी.एच. दुर्गा प्रसाद राव की छठी पुण्यतिथि पर दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

जमशेदपुर: जयालक्ष्मी नाट्य कला मंदिरम की ओर से मंगलवार को काशीडीह सेंटर में संस्था के आजीवन मुख्य संरक्षक, समाजसेवी, कलाप्रेमी और प्रसिद्ध रंगकर्मी सी.एच. दुर्गा प्रसाद राव की छठी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारियों, कलाकारों और सदस्यों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि दुर्गा प्रसाद राव का योगदान जयालक्ष्मी नाट्य कला मंदिरम के विकास में बेहद महत्वपूर्ण रहा है। तेलुगु भाषी होने के बावजूद उन्होंने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। वे एक अच्छे वक्ता, शिक्षक और रंगकर्मी के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे। संस्था का प्रतीक वाक्य “शुभम् अस्तु श्री रस्तु” भी उन्हीं की देन बताया गया।
संस्था के अध्यक्ष एवं ट्रस्टी ए. बाबू राव ने कहा कि दुर्गा प्रसाद राव के विचार और मार्गदर्शन संस्था के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेंगे। वहीं बलराम पारवे ने उनके सुझावों और सहयोग को याद करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से संस्था को आगे बढ़ने की दिशा मिली।
पवन कुमार ने कहा कि सभी को अपने गुरुजनों और मार्गदर्शकों का सम्मान करते हुए उनके आदर्शों पर चलना चाहिए। अखिलेश यादव ने भी दुर्गा प्रसाद राव के बताए मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने बताया कि टाटा स्टील के बिजली विभाग में कार्यरत रहते हुए भी दुर्गा प्रसाद राव सुरक्षा नाटकों के मंचन और विभिन्न नाट्य प्रतियोगिताओं में सक्रिय रहे। उन्होंने रंगमंच और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जयालक्ष्मी नाट्य कला मंदिरम ने उनके विचारों और आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।




