दक्षिण पूर्व रेलवे के 140 लोको पायलटों को सर्पदंश रोकथाम का प्रशिक्षण, आपात स्थिति से निपटने के दिए गए व्यावहारिक गुर

जमशेदपुर: दक्षिण पूर्व रेलवे के इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र में रेल सिविल डिफेंस द्वारा सर्पदंश रोकथाम एवं नियंत्रण पर विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें रांची, आद्रा, खड़गपुर और चक्रधरपुर मंडल के 140 लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलटों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने विषैले एवं गैर-विषैले सांपों की पहचान, सर्पदंश के लक्षण, प्राथमिक उपचार, बचाव के उपाय तथा न्यूरोटॉक्सिक, हेमोटॉक्सिक और मायोटॉक्सिक विष के प्रभावों की जानकारी दी। राष्ट्रपति पदक सम्मानित रेल सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने डिजिटल प्रस्तुति, टेली फिल्म, पावर प्वाइंट और डमी सर्प के माध्यम से प्रशिक्षण दिया।

प्रतिभागियों को बताया गया कि झारखंड सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सर्पदंश से मृत्यु होने पर चार लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। साथ ही यह भी बताया गया कि भारत में सांपों की लगभग 275 प्रजातियों में केवल करीब 15 प्रतिशत ही विषैले होते हैं। सर्पदंश की स्थिति में अंधविश्वास से बचते हुए तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान सीपीआर (CPR), फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग और विभिन्न प्रकार की बैंडेज तकनीकों की मॉक ड्रिल भी कराई गई। वरिष्ठ लोको पायलटों ने इसे रेल कर्मचारियों की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में बेहद उपयोगी प्रशिक्षण बताया।




