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गुवापश्चिमी सिंहभूम

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर गुवा में बुजुर्गों के साथ बैठक, सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

चार समूहों से जुड़े बुजुर्गों ने साझा किए अनुभव, अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका योजनाओं को लेकर किया गया जागरूक

गुवा: अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर गुरुवार को गुवा पंचायत भवन में बुजुर्गों के सम्मान, सशक्तीकरण और जागरूकता को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चार समूहों से जुड़े बुजुर्गों के साथ बैठक कर उनके जीवन, जरूरतों और समस्याओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में बुजुर्गों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित गतिविधियों की जानकारी दी गई। समूह से जुड़ने के महत्व और सामूहिक रूप से मिलने वाले लाभों के बारे में भी बताया गया तथा बुजुर्गों को अपनी जरूरतों और समस्याओं को खुलकर रखने का अवसर दिया गया। कार्यक्रम में ‘बुजुर्गों से सीखो’ पहल के माध्यम से बुजुर्ग सदस्यों के अनुभव, ज्ञान और जीवन से जुड़ी सीख को साझा किया गया। उपस्थित बुजुर्गों ने अपने जीवन के अनुभव बताते हुए युवा पीढ़ी के लिए कई उपयोगी सुझाव दिए और बदलते समय में परिवार एवं समाज में बुजुर्गों की भूमिका को लेकर अपने विचार रखे। बैठक के दौरान सरकार की विभिन्न कल्याणकारी एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी देकर बुजुर्गों को जागरूक किया गया तथा उपलब्ध सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके अलावा वृद्ध सदस्यों के लिए आजीविका योजना को लेकर उनकी राय और आवश्यकताओं को भी जाना गया तथा उनकी जरूरतों के आधार पर आगे की योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार करने पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में पूर्वी पंचायत की मुखिया चांदमनी लागुरी, उपमुखिया जानों चातर, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य भादों टोप्पो, सीएससी संचालक तापस, शंकर दास, दास, पदमा केसरी तथा दोनों जेंडर सीआरपी ममता देवी और गीता देवी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों के सम्मान और उनके अधिकारों को लेकर भी चर्चा की गई। आयोजकों ने कहा कि बुजुर्ग परिवार और समाज के अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं तथा उनके अनुभव और ज्ञान का लाभ युवा पीढ़ी को मिलना चाहिए। कार्यक्रम का उद्देश्य बुजुर्गों को सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक सहभागिता के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना रहा।

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