नोआमुंडी में छह दिवसीय घोष प्रशिक्षण वर्ग शुरू, 75 वर्ष पूर्ण होने पर 2027 में दिल्ली में प्रस्तावित घोष महाकुंभ की तैयारी
पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर में जमशेदपुर विभाग के करीब 90 प्रतिभागी ले रहे प्रशिक्षण, घोष वादन के साथ अनुशासन और सामूहिकता पर जोर

नोआमुंडी: शिशु मंदिर योजना के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वर्ष 2027 में नई दिल्ली में अमृत महोत्सव के रूप में घोष महाकुंभ आयोजित किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें झारखंड प्रांत से भी भैया-बहनों के शामिल होने की योजना है। इसी उद्देश्य से भैया-बहनों को घोष वादन के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जमशेदपुर विभाग का छह दिवसीय घोष प्रशिक्षण वर्ग पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर, नोआमुंडी में शुरू हुआ, जिसमें जमशेदपुर विभाग के विभिन्न विद्यालयों से आचार्य-दीदी एवं भैया-बहनों सहित करीब 90 प्रतिभागी शामिल हुए हैं। प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन समारोह में जमशेदपुर विभाग के विभाग प्रमुख तुलसी प्रसाद ठाकुर, सह प्रमुख ब्रेन कुमार टुड्डू, क्षेत्रीय घोष प्रमुख राजेश प्रसाद, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, सचिव चितरंजन बेहरा, कोषाध्यक्ष मालती लागुरी, जगन्नाथपुर संकुल प्रमुख एवं प्रधानाचार्य अरविन्द, जैंतगढ़ विद्यालय के प्रधानाचार्य सर्वेश्वर प्रधान तथा स्थानीय विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा पालित उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने घोष प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि घोष केवल संगीत एवं वादन का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, एकाग्रता, सामूहिकता एवं राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने का भी साधन है। छह दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में प्रतिभागियों को विभिन्न घोष वाद्यों का प्रशिक्षण, ताल एवं लय का अभ्यास तथा सामूहिक घोष वादन की बारीकियां सिखाई जाएंगी। प्रतिभागी आगामी दिल्ली घोष महाकुंभ की तैयारी के उद्देश्य से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। विद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण वर्ग भैया-बहनों के लिए उपयोगी एवं प्रेरणादायी साबित होगा तथा वे आगामी अमृत महोत्सव में झारखंड प्रांत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी भूमिका निभाएंगे।




