विधिक जागरूकता शिविर में छात्राओं को मौलिक अधिकार और साइबर अपराध से बचाव की दी जानकारी

चाईबासा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका आवासीय विद्यालय, चाईबासा में सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली (नालसा) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची (झालसा) के निर्देश पर आयोजित शिविर में छात्राओं को मौलिक अधिकार, कर्तव्य और विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा मौहम्मद शाकिर और सचिव डालसा रवि चौधरी के मार्गदर्शन में हुआ। पीएलवी हेमराज निषाद और पीएलवी रत्ना चक्रवर्ती ने छात्राओं को कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों और निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी।
शिविर में साइबर अपराध से बचाव पर विशेष जोर दिया गया। छात्राओं को बताया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ मोबाइल पर ओटीपी साझा नहीं करना चाहिए। बैंक कभी फोन करके ओटीपी नहीं मांगता है। साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल संबंधित हेल्पलाइन पर शिकायत करने की सलाह दी गई।
अधिकार मित्रों ने डायन प्रथा को अंधविश्वास बताते हुए इससे दूर रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति को डायन कहना अपराध है और इसके लिए कानून में सजा का प्रावधान है। किसी की तबीयत खराब होने पर झाड़-फूंक के बजाय चिकित्सकीय उपचार कराने की सलाह दी गई। छात्राओं को जागरूक करने के लिए ज्ञानवर्धक कहानियां भी सुनाई गईं।
इसके अलावा बाल विवाह, बाल श्रम, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के गठन, उद्देश्य और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। छात्राओं को पुलिस हेल्पलाइन 100 एवं 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, एंबुलेंस 108, अग्निशमन 101, नालसा हेल्पलाइन 15100 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य बबीता महतो सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्राएं मौजूद रहीं। शिविर का उद्देश्य छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ कानूनी समस्याओं के समय उपलब्ध सहायता और सुरक्षा उपायों की जानकारी देना रहा।




