सावन के अंतिम सोमवार पर मुर्गा महादेव के लिए निकले हजारों डाक कांवरिए, सेवा शिविरों में जुटे स्वयंसेवक

चाईबासा। सावन के अंतिम सोमवार को लेकर चाईबासा शहर से हजारों की संख्या में महिला और पुरुष डाक कांवरिए मुर्गा महादेव मंदिर के लिए पैदल रवाना हुए। कांवरियों ने चाईबासा स्थित रोरो नदी से जल उठाया और बाबा मुर्गा महादेव के जलाभिषेक के लिए अपनी यात्रा शुरू की। सुबह से ही शहर और आसपास के इलाकों में शिवभक्तों की भीड़ नजर आई।
कांवरियों की सुविधा और सेवा के लिए चाईबासा से लेकर नोवामुंडी और मुर्गा महादेव तक विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं की ओर से सैकड़ों सेवा शिविर लगाए गए। शिविरों में पेयजल, शरबत, फल, भोजन सहित अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई। जगह-जगह स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे।
इसी क्रम में चाईबासा के कॉलेज मोड़, हाटगम्हरिया, जगन्नाथपुर और नोवामुंडी में पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई अपने सहयोगियों के साथ बड़कुंवर सेना के माध्यम से कांवरियों की सेवा में जुटे रहे। उन्होंने विभिन्न सेवा शिविरों का जायजा लिया और स्वयं भी सेवा कार्य में हिस्सा लिया।
बड़कुंवर गागराई ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में शिवभक्तों की सेवा करना सुखद अनुभव है। उन्होंने सभी डाक कांवरियों को शुभकामनाएं देते हुए बाबा महादेव से उनकी यात्रा सफल और सुरक्षित होने तथा मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना की।
डाक कांवरियों के जत्थे के कारण चाईबासा से नोवामुंडी तक पूरा मार्ग भक्तिमय नजर आया। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने भी कांवरियों का स्वागत किया। मौके पर बिरजू रजक, लील्टू यादव, संजय तिवारी, दुनिया कुम्हार सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कार्यकर्ता और सहयोगी मौजूद रहे।




