Welcome to Kolhan Samachar Live   Click to listen highlighted text! Welcome to Kolhan Samachar Live
कोल्हानचाईबासा

*तांबो चौक से नया समाहरणालय तक दुकानदारों को हटाने के नोटिस का विरोध, सौंपा ज्ञापन* 

चाईबासा: सदर चाईबासा अंचल अंतर्गत एमडीआर-177 सड़क, तांबो चौक से नया समाहरणालय के किनारे वर्षों से छोटे-छोटे व्यवसाय कर जीवनयापन कर रहे स्थानीय दुकानदारों, विशेषकर गरीब एवं असहाय आदिवासी व्यापारियों को अचानक दुकान हटाने का नोटिस दिए जाने का विरोध शुरू हो गया है। शुक्रवार को स्थानीय प्रतिनिधियों एवं प्रभावित दुकानदारों के प्रतिनिधिमंडल ने अंचल अधिकारी, सदर चाईबासा के नाम ज्ञापन सौंपकर नोटिस तत्काल वापस लेने की मांग की।

अंचल अधिकारी की गैरमौजूदगी में ज्ञापन अंचल निरीक्षक को सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने दूरभाष पर अंचल अधिकारी से भी वार्ता कर मामले में सकारात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया।

ज्ञापन में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(g) के तहत प्रत्येक नागरिक को व्यवसाय, व्यापार या पेशा करने का अधिकार प्राप्त है। वहीं अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और आजीविका के अधिकार की संवैधानिक सुरक्षा है। सड़क किनारे व्यवसाय करने वाले लोगों की आजीविका की सुरक्षा एवं वेंडिंग के नियमन के लिए Street Vendors (Protection of Livelihood and Regulation of Street Vending) Act, 2014 भी लागू है।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम का यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है, जहां मुंडा-मानकी जैसी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था और ग्राम आधारित निर्णय प्रक्रिया का ऐतिहासिक महत्व है। पेसा की भावना के अनुरूप ग्राम सभा और पारंपरिक व्यवस्था को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। किसी भी कार्रवाई से पहले स्थानीय पारंपरिक प्रतिनिधियों, ग्राम सभा और प्रभावित लोगों की सुनवाई आवश्यक है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि शहर के बीचों-बीच एनएच-75ई समेत अन्य प्रमुख मार्गों पर वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमणों के खिलाफ अपेक्षित कठोर कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में किसी विशेष क्षेत्र या समुदाय के दुकानदारों के खिलाफ एकतरफा एवं चयनात्मक कार्रवाई उचित नहीं है। प्रशासनिक कार्रवाई समानता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के आधार पर होनी चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगें

प्रतिनिधिमंडल ने जारी नोटिस को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने, ग्राम सभा, पारंपरिक मुंडा-मानकी व्यवस्था एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक आयोजित करने की मांग की। इसके अलावा एमडीआर सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य मुख्य मार्गों पर हुए सभी अतिक्रमणों की एकसमान, निष्पक्ष एवं क्रमबद्ध जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा किसी भी कार्रवाई में आदिवासी समाज की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था एवं संवैधानिक संरक्षण का पूरा सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की गई।

ज्ञापन सौंपने वालों में रेयांस सामड, महेंद्र जामुदा, भगवान सवैया, मालिना सुंडी, लक्ष्मी जामुदा, अल्बिन एक्का, सुखलाल पूरती, सुरेश सिंकू, अमन सवैया, सतेन्द्र सोय, सुरेन्द्र मुंडरी, नमन गोप, नानू दास, चंद्रमोहन तांती, बुधराम गोप, अनिल जमुदा, हरीश बोदरा, शेखर गगराई, तन्मय नायक, बाबूराम सवैया, लाल सिंह बिरुवा, प्रकाश पूरती, मोती हेंब्रम, रीना बिरुवा, अनिता पिंगुवा, घनश्याम पूरती, मनीष गोंड, मैनोनी देवी समेत काफी संख्या में दुकानदार उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!