Welcome to Kolhan Samachar Live   Click to listen highlighted text! Welcome to Kolhan Samachar Live
कोल्हान

ओत गुरु कोल लाको बोदरा के पैतृक आवास के जीर्णोद्धार और स्मारक निर्माण की मांग तेज

चाईबासा। खुंटपानी प्रखंड के पासेया हातु गांव में जन्मे हो भाषा की वारंगक्षित लिपि के प्रणेता एवं महान साहित्यकार ओत गुरु कोल लाको बोदरा के पैतृक आवास की जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में चिंता बढ़ गई है। तेज आंधी और बारिश के दौरान पिछले वर्ष आवास की एस्बेस्टस छत उड़ जाने के बाद भवन की स्थिति और खराब हो गई है। अब इसके संरक्षण और शीघ्र जीर्णोद्धार की मांग जोर पकड़ने लगी है।

इस मुद्दे को लेकर आदिवासी हो समाज उत्थान समिति, खुंटपानी प्रखंड के साथ क्षेत्र के मानकी-मुंडा, सेवानिवृत्त कर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने कुछ माह पूर्व उललीगुटू चौक में बैठक की थी। बैठक में सर्वसम्मति से खरसावां जाने वाले मुख्य सड़क चौक पर ओत गुरु कोल लाको बोदरा की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

बैठक में पासेया हातु गांव के प्रवेश द्वार के निर्माण का निर्णय भी लिया गया, ताकि हो समाज के महान साहित्यकार और वारंगक्षित लिपि के जनक को सम्मान दिया जा सके। इस संबंध में जिला उपायुक्त को आवेदन सौंपा जा चुका है। संबंधित विभाग द्वारा आवेदन की जांच की जा रही है।

वहीं, ओत गुरु कोल लाको बोदरा के पैतृक आवास के जीर्णोद्धार और नई छत निर्माण के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा संचालित मिशन को भी आवेदन दिया गया है।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह भवन हो समाज की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर है। इसलिए प्रशासन और संबंधित संस्थाओं को इसके संरक्षण के लिए शीघ्र पहल करनी चाहिए। संगठनों ने आवास के जीर्णोद्धार, गांव में प्रवेश द्वार निर्माण और प्रस्तावित प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की है, ताकि आने वाली पीढ़ियां ओत गुरु कोल लाको बोदरा के योगदान से प्रेरणा ले सकें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!