*हादसे के बाद भी नहीं रुकीं गीता बालमुचू, प्लास्टर लगे पैर से सेवा ज्योति यात्रा में हुईं शामिल*

चाईबासा: महिला शक्ति को राष्ट्र की शक्ति माना जाता है। जब किसी महिला के भीतर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो परिस्थितियां भी उसके हौसले को रोक नहीं पातीं। पश्चिमी सिंहभूम भाजपा की जिलाध्यक्ष गीता बालमुचू इसका उदाहरण हैं। करीब 30 वर्षों से राजनीति में सक्रिय गीता बालमुचू ने हाल ही में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अपनी राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता जारी रखी है।
गीता बालमुचू बताती हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी से प्रेरित होकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा और वर्ष 1995 में भाजपा से जुड़ीं। तीन दशक के राजनीतिक सफर में उन्होंने संगठन के विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी संभाली। वर्तमान में वह भाजपा चाईबासा की जिलाध्यक्ष हैं।
21 मई 2026 को जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से मिलकर लौटने के दौरान चाईबासा-झींकपानी मुख्य मार्ग पर उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में उनके शरीर की पांच हड्डियां टूट गईं। उनके चालक और एक सहयोगी को भी चोट लगी। प्राथमिक उपचार के लिए उन्हें चाईबासा सदर अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें जमशेदपुर रेफर किया गया। टाटा अस्पताल में उनके कई छोटे-बड़े ऑपरेशन हुए और एक महीने से अधिक समय तक उनका इलाज चला।
इलाज के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, केंद्र और राज्य के कई नेता तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग उनसे मिलने पहुंचे और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें आराम और समय पर दवा लेने की सलाह दी, लेकिन गीता बालमुचू लंबे समय तक घर में नहीं रुकीं।
पैर में प्लास्टर होने के बावजूद उन्होंने फोन के माध्यम से कार्यकर्ताओं से संपर्क बनाए रखा और बैठकों की जानकारी लेती रहीं। स्वास्थ्य में थोड़ा सुधार होने के बाद वह सहारे के साथ बाहर निकलने लगीं और धीरे-धीरे भाजपा जिला कार्यालय पहुंचने लगीं। इसके बाद उन्होंने पार्टी के कार्यक्रमों में भी भाग लेना शुरू कर दिया।
7 अक्टूबर को चाईबासा के गांधी मैदान में आयोजित भाजपा की सेवा ज्योति यात्रा में गीता बालमुचू ने विशेष रूप से हिस्सा लिया। सहारे के साथ उन्होंने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ शहर में निकली रैली में भाग लिया और पूरे कार्यक्रम में सक्रिय रहीं।
गीता बालमुचू चाईबासा नगर परिषद अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुकी हैं और पांच वर्ष तक नगर परिषद अध्यक्ष के रूप में सेवा दे चुकी हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र का चुनाव संयोजक बनाया गया। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें चाईबासा विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया। दोनों चुनावों में हार के बावजूद पार्टी ने उनकी संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए उन्हें भाजपा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी।
भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय ने उन्हें ओडिशा के मिनरल डेवलपमेंट कंपनी में स्वतंत्र निदेशक की जिम्मेदारी भी दी। 21 जुलाई 2025 को उन्हें कर्मयोगी कार्यकर्ता के रूप में राष्ट्रपति भवन आमंत्रित किया गया था। वहां राष्ट्रपति ने उनसे क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ली और उनके साथ भोजन भी किया।
गीता बालमुचू दो बार भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष, दो बार महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष और दो बार प्रदेश अनुसूचित जनजाति मोर्चा की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। इसके अलावा भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई है। वह कहती हैं कि 30 वर्षों के राजनीतिक सफर में पार्टी ने उनकी कार्यक्षमता को देखते हुए लगातार संगठन में जिम्मेदारी दी है। यही सक्रियता और हौसला उन्हें कार्यकर्ताओं के बीच अलग पहचान देता है।




