*वीबीडीए ने चलाया रक्तदान और थैलेसीमिया जागरूकता अभियान, युवाओं को किया प्रेरित*

चाईबासा: वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन (वीबीडीए), पश्चिमी सिंहभूम की ओर से 9 अक्टूबर को चाईबासा में रक्तदान और थैलेसीमिया को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके तहत मांगीलाल रूंगटा प्लस टू उच्च विद्यालय और पोस्ट ऑफिस चौक स्थित टाटा स्टील फाउंडेशन के मल्टी स्किल ट्रेनिंग सेंटर में जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। रूंगटा स्कूल में 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें छात्राओं की संख्या अधिक रही।
कार्यक्रम में जमशेदपुर थैलेसीमिया समिति के प्रमुख नरेंद्र कुमार सिंह ने थैलेसीमिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह एक आनुवंशिक बीमारी है। इससे पीड़ित बच्चों को जीवित रहने के लिए नियमित रूप से खून चढ़ाने की जरूरत होती है। विवाह से पहले रक्त जांच कराने से आने वाली पीढ़ी को इस बीमारी से बचाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने नियमित रक्तदान के महत्व पर भी जोर दिया।
वीबीडीए के संस्थापक सुनील मुखर्जी ने कहा कि खून का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। जरूरत के समय एक व्यक्ति का रक्त ही दूसरे व्यक्ति की जान बचा सकता है। इसलिए युवाओं को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
वीबीडीए पश्चिमी सिंहभूम के अध्यक्ष हर्ष सुल्तानिया ने रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया। उन्होंने बताया कि स्वस्थ व्यक्ति चिकित्सकीय मानकों के अनुसार रक्तदान कर सकता है। रक्तदान से कमजोरी आने की धारणा सही नहीं है। हालांकि, रक्तदान से पहले स्वास्थ्य और पात्रता की जांच जरूरी है।
संस्था के वरिष्ठ सदस्य सुरेश सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों की भागीदारी से समाज में जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही। संस्था के सचिव लालू कुजूर और सदस्य विकास दोदराजका ने विद्यार्थियों से रक्तदान के प्रति जागरूक रहने और परिवार व आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की।
वीबीडीए ने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग के लिए टाटा स्टील के निदेशक शंखनील बसु और मांगीलाल रूंगटा प्लस टू उच्च विद्यालय की प्रधानाध्यापिका संगीता के प्रति आभार जताया।




