
नोआमुंडी: टाटा मेन हॉस्पिटल, नोआमुंडी के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में पहली बार टोटल लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी (TLH) का सफल ऑपरेशन किया गया। ओएमक्यू डिवीजन में यह इस प्रकार की पहली सर्जरी है। अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, इस उपलब्धि से क्षेत्र में आधुनिक स्त्री रोग संबंधी उपचार की सुविधा को बढ़ावा मिलेगा।
टीएमएच, ओएमक्यू के सीएमओ डॉ. धीरेन्द्र कुमार के मार्गदर्शन में सर्जरी डॉ. काली चरण मुर्मू, सीनियर कंसल्टेंट के नेतृत्व में की गई। ऑपरेशन में एनेस्थेटिस्ट डॉ. फैज़ अहसान के साथ नर्सिंग टीम की सिम्पी कुमारी, चेमी नायक और दीपाली मैती ने सहयोग किया। ऑपरेशन थिएटर में रमेश कुमार पसवान, ओमकार कुमार, राजू कुमार यादव, सुधीर सांडिल ने भी प्रक्रिया में सहयोग किया। मंजू लोहार ने क्लीनर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई।
जानकारी के अनुसार, 53 वर्षीय महिला मरीज अनियमित मासिक धर्म और डिसमेनोरिया की समस्या से परेशान थीं। चिकित्सकीय जांच और अल्ट्रासोनोग्राफी में गर्भाशय के आकार में वृद्धि के साथ उसकी पिछली दीवार में इंट्राम्यूरल फाइब्रॉइड पाया गया। आवश्यक जांच और प्री-ऑपरेटिव मूल्यांकन के बाद मरीज के लिए टोटल लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी करने का निर्णय लिया गया।
सर्जरी सामान्य एनेस्थीसिया के तहत लैप्रोस्कोपिक तकनीक से की गई। चिकित्सकों के अनुसार ऑपरेशन के दौरान किसी तरह की जटिलता नहीं हुई। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर बताई गई है और चिकित्सकीय निगरानी के लिए उन्हें हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) में रखा गया है।
टोटल लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी आधुनिक न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी की एक पद्धति है। इसमें पारंपरिक बड़े चीरे के बजाय छोटे चीरों के माध्यम से लैप्रोस्कोपिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे मरीज को अपेक्षाकृत कम दर्द, छोटे चीरे और सामान्य गतिविधियों में जल्दी लौटने जैसे लाभ मिल सकते हैं।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, नोआमुंडी में इस प्रक्रिया की शुरुआत स्थानीय स्तर पर उन्नत स्त्री रोग संबंधी सर्जिकल सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक उपचार के लिए अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है और स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।




