
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जेएसएलपीएस की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जेएसएलपीएस डीपीएम आसियानी मारकी सहित बीपीएम, सीएलएफ सदस्य, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और संबंधित प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

आगामी रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए उपायुक्त ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय का अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला मुख्यालय के अलावा सभी अनुमंडल एवं प्रखंड मुख्यालयों में स्वयं सहायता समूहों की ओर से राखी स्टॉल लगाए जाएं। इन स्टॉलों पर महिलाओं द्वारा तैयार राखियों के साथ अन्य स्थानीय उत्पादों की भी बिक्री की जाए।
उपायुक्त ने आकर्षक गिफ्ट हैंपर तैयार करने का भी निर्देश दिया। इनमें राखी, मिठाई और अन्य उपयोगी सामग्री शामिल करने को कहा गया, ताकि समूहों के उत्पादों को स्थानीय बाजार में बेहतर अवसर मिल सके।
बारिश को देखते हुए जेएसएलपीएस के नेटवर्क के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा एवं सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को नदी, नाला, तालाब, जलजमाव और अन्य जोखिम वाले स्थानों से दूर रहने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने को कहा गया। बच्चों को बारिश के दौरान नदी-नालों और जलजमाव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने देने की अपील करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में ‘पहचान से समृद्धि’ अभियान की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि अभियान की अवधि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 तक कर दी गई है। उपायुक्त ने अधिक से अधिक पात्र लाभुकों को अभियान से जोड़ने, स्वयं सहायता समूह की सदस्यों का केवाईसी पूरा कराने तथा पात्र महिलाओं के बैंक खाते खुलवाने का निर्देश दिया।
‘लखपति दीदी’ अभियान को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। महिलाओं को आजीविका गतिविधियों, बाजार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया गया। वहीं ‘सशक्त सिंहभूम’ के तहत ‘सखी संवाद’ कार्यक्रम में महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्तीय समावेशन जैसे विषयों को शामिल करने को कहा गया।
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रचार-प्रसार पर भी चर्चा हुई। जेएसएलपीएस के पदाधिकारियों एवं समूह सदस्यों को किसानों को योजना की जानकारी देकर अधिक से अधिक किसानों का निबंधन कराने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का लाभ ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।




