
चाईबासा:प्रकाश गुप्ता: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित पुलिस केंद्र में राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में राजस्व एवं भूमि सुधार तथा परिवहन विभाग के मंत्री दीपक बिरुआ ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर तिरंगे को सलामी दी। इससे पूर्व पुलिस केंद्र परिसर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद परेड का आयोजन हुआ और मुख्य अतिथि ने परेड का निरीक्षण किया। समारोह में राष्ट्रगीत का गायन भी किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री दीपक बिरुआ ने स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों और राष्ट्रनायकों को नमन किया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिद्धो-कान्हू, पोटो हो और राजा अर्जुन सिंह सहित झारखंड के वीर सपूतों के योगदान को याद किया। साथ ही झारखंड आंदोलन के पुरोधा दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्ष और जल, जंगल, जमीन तथा आदिवासी अधिकारों के लिए उनके योगदान का भी स्मरण किया।

मंत्री ने जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, बिरसा हरित ग्राम योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और फूलों-झानो आशीर्वाद योजना से लोगों को लाभ मिल रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कोल्हान विश्वविद्यालय में टीआरएल भवन और एमएड भवन, मनोहरपुर में डिग्री कॉलेज छात्रावास तथा राजकीय पॉलिटेक्निक जगन्नाथपुर के विकास का कार्य जारी है। जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति और मुख्यमंत्री मइयां सम्मान योजना के माध्यम से महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने की भी जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ई-संजीवनी और सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम में जिले के बेहतर प्रदर्शन तथा सदर अस्पताल चाईबासा के ब्लड बैंक को लंबे अंतराल के बाद लाइसेंस मिलने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। वहीं सुरक्षा के क्षेत्र में सारंडा, पोड़ाहाट और कोल्हान क्षेत्र में चलाए गए अभियानों के माध्यम से नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने की बात कही गई।
समारोह में नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग में जिले के पूर्वी भारत में प्रथम स्थान, पल्स पोलियो अभियान में बेहतर प्रदर्शन और जनजातीय कार्य मंत्रालय की राष्ट्रीय स्तर की शीर्ष 10 जिलों की सूची में स्थान मिलने का भी उल्लेख किया गया।
विभिन्न क्षेत्रों के उत्कृष्ट लोगों को सम्मान
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। वीरगति प्राप्त सैनिकों की वीर नारियों रानदाय बोयपाई, कोला बॉकिरा और शोभा देवी को सम्मान मिला। सीआरपीएफ एवं पुलिस विभाग से मनोज, राउत रविन्द्र गुलाबराव, आकाश कुमार, रितेश कुमार सिंह और अभिनाश हेम्ब्रोम को सम्मानित किया गया।
उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए जुझार माझी, सुबल सीट और दिलबर तिर्की को सम्मान मिला। पंचायत सचिव एवं रोजगार सेवक वर्ग में मानस त्रिपाठी, विशेश्वर दयाल, अजित कुमार महतो और प्रसाद गोप को सम्मानित किया गया। सफाई कर्मियों में बिरजु मुखी, शिबो मुखी, जनकलता कारवा और जयपाल बारी को सम्मान मिला।
शिक्षक एवं रसोईया वर्ग में मनोज राउत, संजय जारिका, सुखमती गोपिन और सुकुमारी सांगिल को सम्मानित किया गया। परख ओलम्पियाड 2026 में शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले समीर कुमार मंडल, रीतीशा कुमारी और अमित कुमार मंडल को भी सम्मान मिला।
सेविका एवं सहायिका वर्ग में सुनिता देवी तथा निलामुनी कुजूर, किसान वर्ग में मानकीराय बुड़ीउली और बागुन बोदरा को सम्मानित किया गया। चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों में डॉ. सोनो हेम्ब्रोम, डॉ. से लिन सोसन टोपनो, चन्द्रश्री जेराई और अलका हेम्ब्रोम को सम्मान मिला।
श्रेष्ठ टीमवर्क के लिए रक्तदान समूह, एमटीसी सदर चाईबासा और एमटीसी चक्रधरपुर को सम्मानित किया गया। सामुदायिक समन्वयक वर्ग में मंजुलता महतो और रानी आल्डा को सम्मान मिला।
तीरंदाजी के क्षेत्र में 69वीं एसजीएफआई राष्ट्रीय तीरंदाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले मंगल सिंह लागुरी तथा दो रजत और एक कांस्य पदक जीतने वाले घनश्याम जामुदा को सम्मानित किया गया। राशन डीलर वर्ग में सीमा देवी और नानिका होनहागा को भी सम्मान मिला।
समाहरणालय परिसर में भी हुआ ध्वजारोहण
वहीं पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय परिसर में भी 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया गया। उपायुक्त मनीष कुमार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। मौके पर पुलिस अधीक्षक अमित रेणु, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, परियोजना निदेशक, समेकित जनजातीय विकास अभिकरण, अपर उपायुक्त सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।




