
चाईबासा:प्रकाश गुप्ता:में कोल्हान विश्वविद्यालय का 18वां स्थापना दिवस समारोह गुरुवार को वीर शहीद पोटो हो सभागार में गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने की, जबकि पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और वीर शहीदों के सम्मान के साथ हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय का कुलगीत प्रस्तुत किया गया। कुलसचिव डॉ. अमर कुमार ने स्वागत भाषण दिया। समारोह में विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी, पूर्व सदस्य तथा विभिन्न सामाजिक एवं सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

मुख्य अतिथि उपायुक्त मनीष कुमार ने विद्यार्थियों से ज्ञान और कौशल के साथ समाज के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री हासिल करने का स्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के विचार, व्यक्तित्व और दृष्टिकोण के निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देने तथा क्षेत्रीय विषयों पर अध्ययन, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
उपायुक्त ने कोल्हान की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और भाषाओं के संरक्षण की आवश्यकता भी बताई। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा और तकनीकी विकास के साथ सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना जरूरी है। क्षेत्रीय भाषा, लोककला, इतिहास और परंपराओं पर विश्वविद्यालय में शोध को बढ़ावा मिलना चाहिए।
कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने विश्वविद्यालय की 18 वर्षों की विकास यात्रा और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, नवाचार, कौशल विकास और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने शिक्षकों और शोधार्थियों से स्थानीय समस्याओं एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शोध कार्य करने की अपील की।
समारोह में सेवानिवृत्त सदस्यों और वरिष्ठ पूर्व कर्मियों को सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय की स्थापना एवं विकास में भूमि उपलब्ध कराने वाले लोगों के योगदान को भी याद किया गया। टाटा कॉलेज एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील पूर्ति, सचिव प्रकाश पूर्ति और कोषाध्यक्ष प्रधानजी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित फिल्मकार रवि राज मुर्मू विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने स्थानीय संस्कृति, संथाली भाषा और क्षेत्रीय प्रतिभाओं को व्यापक मंच देने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर उनकी संथाली लघु फिल्म ‘अंगेन’ का प्रदर्शन भी किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में करीम सिटी कॉलेज जमशेदपुर, महिला कॉलेज चाईबासा तथा कोल्हान विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के विद्यार्थियों और कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की भी सहभागिता रही। अंत में परीक्षा नियंत्रक प्रो. रिंकी दोराई ने धन्यवाद ज्ञापन किया। राष्ट्रगान के बाद समारोह संपन्न हुआ। इसके पश्चात अतिथियों ने कला एवं फोटोग्राफी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।




