
खूंटपानी:प्रकाश गुप्ता:पश्चिम सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड अंतर्गत पांड्रासाली FCI गोदाम क्षेत्र में कथित तौर पर लौह अयस्क और कोयले की लोडिंग-अनलोडिंग को लेकर रविवार को ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मटकोबेड़ा मुण्डा कमल किशोर हेम्ब्रम ने की। ग्रामीणों ने क्षेत्र में संचालित कथित गतिविधियों को बंद कराने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि FCI गोदाम परिसर में रूंगठा कंपनी से जुड़े लौह अयस्क एवं कोयले का भंडारण तथा लोडिंग-अनलोडिंग किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
बैठक में ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि FCI के लिए निर्धारित भूमि या परिसर में लौह अयस्क और कोयले के भंडारण एवं लोडिंग-अनलोडिंग की अनुमति किस आधार पर दी गई है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित लोगों और संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि कथित लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य बंद नहीं किया गया तो लोकतांत्रिक तरीके से सड़क जाम और जन आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन को संगठित रूप देने के लिए बैठक में सर्वसम्मति से भूमि बचाओ संघर्ष समिति, खूंटपानी का गठन किया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन और संबंधित कंपनी की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बैठक में मुण्डा विजय सिंह बानरा, नारायण बानरा, बिरसिंह हेम्ब्रम, मदुसूदन बानरा, रेंगो पुरती, सकरी दोंगो, अशोक मुंडारी, घनश्याम बानरा, साधु हो सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
अब ग्रामीणों की मांग और आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन तथा संबंधित कंपनी की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर क्षेत्र के लोगों की नजर बनी हुई है।




