
चाईबासा।प्रकाश गुप्ता :सावन के पावन महीने में धार्मिक आस्था, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी से बच्चों को जोड़ने के उद्देश्य से मारवाड़ी युवा मंच चाईबासा जागृति शाखा की ओर से रविवार को बाल कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। शंभू मंदिर, टुंगरी से शुरू हुई बाल कांवड़ यात्रा बांध पाड़ा स्थित शिव मंदिर तक पहुंची। यात्रा में शहर के 5 से 15 वर्ष तक के 80 से अधिक बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कांवड़ यात्रा के दौरान बच्चे आकर्षक एवं पारंपरिक पोशाक में कांवड़ लेकर शामिल हुए और पूरे रास्ते ‘बोल बम-बोल बम’ के जयकारे लगाते हुए बाबा भोलेनाथ की भक्ति में लीन नजर आए। बांध पाड़ा स्थित शिव मंदिर पहुंचने के बाद बच्चों ने बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर विधिवत पूजा-अर्चना की।
बच्चों में दिखा खासा उत्साह
बाल कांवड़ यात्रा को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने पूरे जोश और उमंग के साथ यात्रा में हिस्सा लिया। आयोजन को यादगार बनाने के लिए संस्था की ओर से बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत भी किया गया।
इस दौरान सर्वश्रेष्ठ पोशाक, सर्वश्रेष्ठ कांवड़, सर्वश्रेष्ठ पदयात्रा तथा सबसे पहले जलाभिषेक करने वाले बच्चे को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वहीं यात्रा में शामिल सभी बच्चों को भी विशेष पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।
शिक्षा के प्रति भी किया गया जागरूक
धार्मिक आयोजन के साथ-साथ बच्चों को शिक्षा के महत्व का संदेश देने के उद्देश्य से मारवाड़ी युवा मंच जागृति शाखा की ओर से कॉपी, कलम, पेंसिल सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। संस्था ने इस पहल के माध्यम से बच्चों में धार्मिक आस्था के साथ शिक्षा के प्रति जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया।
कम उम्र से संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना उद्देश्य
शाखा अध्यक्ष चंदा अग्रवाल ने कहा कि बाल कांवड़ यात्रा आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही आध्यात्मिक आस्था, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उनके लिए अपने परिवार, समाज और देश के प्रति दायित्व एवं कर्तव्यों को समझना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से बच्चों को शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराने का उद्देश्य उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करना भी है। धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।
लगातार दूसरे वर्ष हुआ आयोजन
चंदा अग्रवाल ने बताया कि बाल कांवड़ यात्रा का आयोजन लगातार दूसरे वर्ष किया गया है। संस्था का प्रयास है कि सावन के पावन महीने में इस तरह के धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, ताकि बच्चों को बाबा भोलेनाथ की भक्ति, भारतीय संस्कृति और सावन की धार्मिक महत्ता से जोड़ा जा सके।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में अपनी आस्था और संस्कारों को आगे बढ़ाने की भावना मजबूत होती है। साथ ही समाज में भी यह संदेश जाता है कि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
महिलाओं को जोड़कर आयोजन की तैयारी
चंदा अग्रवाल ने बताया कि आने वाले सप्ताह में शहर की महिलाओं को भी जोड़कर इसी तरह के धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन करने पर विचार किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों से जोड़ना है।
आयोजन को सफल बनाने में इनका रहा योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम संयोजिका खुशबू जिंदल का विशेष योगदान रहा। इसके अलावा संस्था की सचिव रिंकी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष खुशबू दोदराजका, पूनम मोदी, स्वीटी दोदराजका, स्वीटी शर्मा, सरला दोदराजका और संगीता पड़िया सहित संस्था की तमाम सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग किया।
कार्यक्रम में धार्मिक संस्थाओं से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। बाल कांवड़ यात्रा के दौरान बच्चों और आयोजकों में उत्साह का माहौल रहा और कार्यक्रम के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।




