
राजनगर। राजनगर प्रखंड के बान्दु पंचायत अंतर्गत बूढ़ी सिरिंग गांव स्थित फुटबॉल मैदान में NSBC बूढ़ी सिरिंग के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट 2026 का रोमांचक समापन हुआ। टूर्नामेंट के दौरान मूसलाधार बारिश ने खिलाड़ियों और दर्शकों की परीक्षा ली, लेकिन खेल का रोमांच और उत्साह तनिक भी कम नहीं हुआ। बारिश के बीच भी खिलाड़ी मैदान में डटे रहे, जबकि बड़ी संख्या में खेलप्रेमी छाता लेकर मुकाबले का आनंद लेते नजर आए।

फाइनल मुकाबले में विरला गोल्ड सोलाय, ओडिशा की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम को मुख्य अतिथि कृष्णा बास्के के हाथों ट्रॉफी के साथ 45 हजार रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं संवैय्या ब्रदर की टीम उपविजेता रही। उपविजेता टीम को विशिष्ट अतिथि कालीपद सोरेन के हाथों ट्रॉफी एवं 35 हजार रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
बारिश के बीच खिलाड़ियों ने दिखाया जुझारूपन
फाइनल मुकाबले के दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते फुटबॉल मैदान पानी और कीचड़ से भर गया। इसके बावजूद खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी और फिसलन भरे मैदान में भी मुकाबला जारी रखा। खिलाड़ियों के इस जुझारूपन ने मैदान के चारों ओर मौजूद दर्शकों का उत्साह और बढ़ा दिया।
बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मैदान में मौजूद रहे। कोई छाता लेकर तो कोई बारिश में भीगते हुए खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाता नजर आया। मैच के रोमांचक पलों में दर्शकों की तालियों और उत्साह से पूरा मैदान गूंजता रहा।
कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में सिंहभूम सांसद जोबा मांझी की अनुपस्थिति में कृष्णा बास्के एवं झामुमो नेता कालीपद सोरेन मुख्य रूप से शामिल हुए। इसके अलावा झामुमो केंद्रीय सदस्य विशु हेम्ब्रम, बुद्धिजीवी मोर्चा जिला अध्यक्ष दुर्गलाल मुर्मू, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष रामसिंह हांसदा, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष रामजीत हांसदा, सोनाराम मुर्मू, भक्तु मार्डी, संजय हांसदा, धानु टुडु और श्याम टुडु समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
टूर्नामेंट के सफल आयोजन में NSBC बूढ़ी सिरिंग फुटबॉल क्लब के अध्यक्ष सुकलाल पूर्ति, सचिव विकास हेम्ब्रम, कोषाध्यक्ष सूरज मुर्मू सहित क्लब कमेटी के सदस्यों और ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित इस टूर्नामेंट ने एक बार फिर साबित किया कि फुटबॉल यहां सिर्फ खेल नहीं, बल्कि युवाओं के जुनून, प्रतिभा और खेल भावना का प्रतीक है। प्रतिकूल मौसम के बावजूद खिलाड़ियों और दर्शकों का उत्साह देखते ही बना। बूढ़ी सिरिंग का मैदान दो दिनों तक फुटबॉल के रोमांच से सराबोर रहा।




