Potka : मिठाई झरना वन क्षेत्र में अवैध खनन का आरोप, कांग्रेस नेता ने मुख्य सचिव से हस्तक्षेप की मांग की
कीमती पत्थरों और लौह अयस्क के अवैध उत्खनन से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने का दावा, उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग

- पर्यावरण संरक्षण के लिए अवैध खनन पर सख्ती की मांग
पोटका : कौवाली थाना क्षेत्र के मिठाई झरना एवं आसपास के वन क्षेत्रों में कथित रूप से बड़े पैमाने पर कीमती पत्थरों और लौह अयस्क के अवैध खनन तथा परिवहन का मामला सामने आया है। कांग्रेस के जिला सचिव जयराम हांसदा ने इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव, खान निदेशक तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जिससे प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है। जयराम हांसदा का कहना है कि उन्होंने पूर्व में भी वन पदाधिकारी, जमशेदपुर और जिला खनन पदाधिकारी को लिखित शिकायत देकर इस मामले में हस्तक्षेप करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। उनके अनुसार विभागीय उदासीनता के कारण अवैध खनन का सिलसिला लगातार जारी है।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य विरोधी दिवस पर मानगो चौक में जागरूकता अभियान, मजदूरों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि वन क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन से पर्यावरण, वन्यजीवों और प्राकृतिक जल स्रोतों को गंभीर क्षति पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के दावे केवल कागजों तक सीमित नजर आते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। जयराम हांसदा ने राज्य सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने तथा इसमें संलिप्त खनन माफियाओं के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा और पर्यावरण को अपूरणीय क्षति हो सकती है।




