कोल्हान

*जयंती पर याद किए गए डॉ. राम दयाल मुंडा* 

चाईबासा: कांग्रेस भवन, चाईबासा में रविवार को सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक जागरण के पुरोधा, पूर्व सांसद एवं पद्मश्री डॉ. राम दयाल मुंडा की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि एवं स्मरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेसजनों ने डॉ. राम दयाल मुंडा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके व्यक्तित्व और योगदान को याद किया।

कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि डॉ. राम दयाल मुंडा महान शिक्षाविद्, चिंतक, साहित्यकार और संगीतज्ञ होने के साथ आदिवासी समाज की अस्मिता, अधिकारों और सांस्कृतिक स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने आदिवासी भाषाओं, कला, संगीत, परंपराओं और जीवन-मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनकी दूरदृष्टि और प्रतिबद्धता ने आदिवासी समाज की आवाज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि डॉ. मुंडा ने शिक्षा, साहित्य, संगीत और सामाजिक सरोकारों को जनजागरण का माध्यम बनाया। उन्होंने समाज को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े रहने का संदेश दिया। उनके विचार सामाजिक न्याय, समानता, सम्मान और अधिकारों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता पर आधारित थे। उनका मानना था कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी भाषा, संस्कृति और सामुदायिक चेतना में निहित होती है।

कार्यक्रम में कांग्रेसजनों ने कहा कि डॉ. राम दयाल मुंडा का जीवन संघर्ष, सृजन और समर्पण की प्रेरणादायी गाथा है। उनके विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शन का काम करते हैं। कार्यक्रम के अंत में उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा सामाजिक न्याय और समानता की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर कांग्रेस के अशरफुल होदा, शिवकर बोयपाई, अजय कुमार, कृष्णा चन्द्र सिरका, हेर बेदन बोदरा, देवेश चरण, मो. अफ्रीदी अंसारी, सुशील दास और राहुल पान सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे।

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