
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के प्रति खाद्य व्यवसाय संचालकों को जागरूक और प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण में चाईबासा और चक्रधरपुर के कुल 240 खाद्य व्यवसाय संचालकों ने हिस्सा लिया।

प्रशिक्षण के दौरान NASVI संस्था की ओर से खाद्य व्यवसाय में स्वच्छता एवं हाइजीन, सुरक्षित खाद्य भंडारण, गुणवत्ता प्रबंधन, व्यक्तिगत स्वच्छता, क्रॉस-कंटैमिनेशन की रोकथाम और सुरक्षित खाद्य संचालन के मानकों की जानकारी दी गई। इसके अलावा खाद्य और अखाद्य रंगों के बीच अंतर, सही लेबलिंग तथा इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल के सुरक्षित उपयोग को लेकर भी व्यवसाय संचालकों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सभी स्ट्रीट फूड वेंडर्स को हाइजीन किट उपलब्ध कराई गई। किट में एप्रन, ग्लव्स, टोपी, हेयर नेट, साबुन, टॉवल और आवश्यक निर्देशिका शामिल थी। वेंडर्स को दैनिक कारोबार के दौरान एप्रन, ग्लव्स और हेयर नेट का नियमित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
मौके पर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी धनेश्वर हेम्ब्रम ने व्यवसायियों को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 और संबंधित नियमों के अनुरूप व्यवसाय संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खाद्य कारोबार से संबंधित लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र दुकान में उचित स्थान पर प्रदर्शित किया जाना चाहिए। साथ ही उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
प्रशिक्षण के दौरान खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, साफ-सफाई पर ध्यान देने और खाद्य सामग्री के सुरक्षित रखरखाव से संबंधित व्यावहारिक जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभागीय पदाधिकारियों, कर्मचारियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी आयोजक संस्थाओं की भूमिका रही। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया गया। साथ ही भविष्य में भी खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पालन करने की अपील की गई।




