Welcome to Kolhan Samachar Live   Click to listen highlighted text! Welcome to Kolhan Samachar Live
कोल्हानलोकल न्यूज़

Muri/Balumath : तीन मासूमों की मौत पर फूटा जनाक्रोश, सीसीएल मगध माइंस बंद कर न्याय की मांग पर बैठे देवेन्द्र नाथ महतो

पीड़ित परिवार को मुआवजा, रोजगार और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज

मुरी/बालूमाथ : लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत आरा-चमातु गांव के निवासी द्वारिका गोंझू के तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतकों में माही (9 वर्ष), दीपिका (6 वर्ष) और आर्यन (3 वर्ष) शामिल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह घटना सीसीएल मगध परियोजना प्रबंधन की लापरवाही का परिणाम है। घटना के विरोध में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष एवं आंदोलनकारी नेता देवेन्द्र नाथ महतो के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हुए। लोगों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया। घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के क्षेत्रों से भी लोग आंदोलन के समर्थन में पहुंचने लगे, जिससे पूरे इलाके में जनाक्रोश का माहौल बन गया।

इसे भी पढ़ें : Potka : 16 अगस्त को होगा प्रतिभा सम्मान समारोह, मेधावी छात्र-छात्राओं और सेवानिवृत्त शिक्षकों का होगा सम्मान

तीन मासूमों की मौत से क्षेत्र में शोक और आक्रोश

ग्रामीणों और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रतिनिधियों ने सबसे पहले मगध परियोजना के पीओ कार्यालय पहुंचकर एरिया जीएम और परियोजना पदाधिकारियों से मुलाकात करने का प्रयास किया। आंदोलनकारियों का उद्देश्य घटना पर चर्चा कर पीड़ित परिवार के लिए न्याय, उचित मुआवजा और अन्य मांगों को प्रशासन के समक्ष रखना था। हालांकि प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि परियोजना प्रबंधन ने उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनी और कोई सकारात्मक पहल नहीं की। इससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। इसके बाद देवेन्द्र नाथ महतो के नेतृत्व में लोगों ने सीसीएल मगध माइंस का संचालन बंद करा दिया और न्याय की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। देर रात तक माइंस का संचालन ठप रहा और आंदोलन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : विश्व योग दिवस पर व्यवहार न्यायालय परिसर में हुआ सामूहिक योगाभ्यास, प्रधान जिला जज ने दिया स्वास्थ्य का संदेश

प्रबंधन से वार्ता विफल, मगध माइंस का संचालन ठप

धरना-प्रदर्शन के दौरान देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि तीन मासूम बच्चों की मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रबंधन की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब ग्रामीण अपनी पीड़ा और मांगों को लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे, तब उनकी बात सुनने तक का प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने इसे जनता के प्रति असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया। महतो ने मांग की कि पीड़ित परिवार को तत्काल सम्मानजनक मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाए, घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही परियोजना क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!