गुरु पूर्णिमा पर सूरजमल जैन डीएवी स्कूल में वैदिक हवन, गुरु वंदना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन, गुरु-शिष्य परंपरा का दिया संदेश

चाईबासा: स्थानीय सूरजमल जैन डीएवी पब्लिक स्कूल में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, भक्ति और भारतीय संस्कृति की गरिमा के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-यज्ञ से हुई, जिससे पूरे विद्यालय परिसर का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। इसके बाद गुरु वंदना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

विद्यालय के प्राचार्य-सह-एआरओ ओपी मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र, संस्कार और व्यक्तित्व के वास्तविक निर्माता होते हैं। उन्होंने छात्रों से गुरुजनों के प्रति सम्मान, अनुशासन और कृतज्ञता का भाव बनाए रखने तथा भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्राचार्य ओपी मिश्रा को स्मृति-भेंट देकर सम्मानित किया। वरिष्ठ शिक्षिका सुमित्रा ने गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु के मार्गदर्शन से ही जीवन को सही दिशा और उद्देश्य प्राप्त होता है।
कार्यक्रम में छात्र ऋषु सिंह ने अपने प्रेरणादायक भाषण के माध्यम से गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और सम्मान की भावना व्यक्त की। वहीं विद्यार्थियों ने गुरुजनों को समर्पित भावपूर्ण समूहगान प्रस्तुत किया, जिसकी सभी ने सराहना की। छात्रा आयुषी दास ने मधुर गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन आलोकिका द्विवेदी ने किया। पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय का वातावरण श्रद्धा, अनुशासन और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से ओत-प्रोत रहा। अंत में विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त कर उनके बताए मार्ग पर चलने तथा ज्ञान, संस्कार और नैतिक मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।




