
चाईबासा: मशहूर अभिनेता मुश्ताक खान के निधन की खबर से फिल्म और रंगमंच जगत में शोक का माहौल है। 24 सितंबर को मुंबई में उनका निधन हो गया। बताया गया कि वे कुछ समय से अस्वस्थ थे और नानावटी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की पुष्टि उनके करीबियों की ओर से की गई है।
हिंदी सिनेमा और टेलीविजन में बनाई पहचान
मुश्ताक खान ने हिंदी फिल्मों और टेलीविजन में लंबे समय तक काम किया। ‘वेलकम’, ‘गदर’, ‘आशिकी’, ‘मुझसे शादी करोगी’ और ‘हम हैं राही प्यार के’ जैसी फिल्मों में निभाए गए उनके किरदारों को दर्शकों ने पसंद किया। सहायक भूमिकाओं में भी उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।
चाईबासा इप्टा के कार्यक्रम में हुए थे शामिल
मुश्ताक खान का चाईबासा के रंगमंच से भी जुड़ाव रहा। वे चाईबासा इप्टा के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय रंगकर्मियों और कलाकारों से मुलाकात की तथा उनकी प्रस्तुतियां देखीं।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्थानीय कलाकारों का उत्साह बढ़ाया था। चाईबासा आने और स्थानीय रंगकर्मियों के साथ संवाद करने की उनकी याद अब यहां के कलाकारों के बीच चर्चा का विषय है।
रंगमंच से भी रहा गहरा जुड़ाव
मुश्ताक खान का अभिनय सफर केवल फिल्मों और टेलीविजन तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने रंगमंच पर भी काम किया था। रंगमंच के माध्यम से उन्होंने अभिनय की बारीकियों को समझने और अपने अभिनय को आगे बढ़ाने का अवसर पाया।
इसी वजह से रंगमंच से जुड़े कई कलाकार उन्हें अपने बीच का कलाकार मानते रहे। उनके निधन से चाईबासा इप्टा और स्थानीय रंगमंच से जुड़े कलाकारों में भी शोक है।
स्थानीय कलाकारों के साथ बिताया समय रहेगा याद
स्थानीय रंगकर्मियों का कहना है कि मुश्ताक खान जैसे अनुभवी कलाकार का चाईबासा आना और स्थानीय कलाकारों से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाना हमेशा याद रहेगा। कलाकारों के अनुसार, उन्होंने छोटे शहरों और स्थानीय रंगकर्मियों के प्रयासों को भी महत्व दिया।
मुश्ताक खान के निधन से फिल्म और रंगमंच जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिन्होंने अलग-अलग भूमिकाओं के माध्यम से लंबे समय तक दर्शकों का मनोरंजन किया। उनके अभिनय और चाईबासा के कलाकारों के साथ बिताए समय को स्थानीय रंगकर्मी भी याद कर रहे हैं।




