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चाईबासा में बंद खदानों, पलायन और लाल पानी पर कांग्रेस से सवाल, देबू चटर्जी बोले- सरकार प्रयासरत

प्रेस वार्ता में पत्रकारों ने खनन प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं पर पूछे सवाल, कांग्रेस ने 26 सितंबर को लोक भवन मार्च और अक्टूबर में प्रखंड स्तर पर आंदोलन की जानकारी दी

चाईबासा: खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध और श्रीराम मंदिर निर्माण के नाम पर प्राप्त चंदे में पारदर्शिता की मांग को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी की ओर से सोमवार को कांग्रेस भवन, चाईबासा में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने 26 सितंबर को रांची में लोक भवन मार्च और 5 से 10 अक्टूबर तक प्रखंड स्तर पर आंदोलन की जानकारी दी। इस दौरान पत्रकारों ने पश्चिमी सिंहभूम की स्थानीय समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेताओं से सवाल किए।

बंद खदानों और पलायन को लेकर सवाल

पत्रकारों ने नामित प्रवक्ता राकेश तिवारी और देबू चटर्जी से सवाल किया कि कांग्रेस खनिज अधिकार और खनन से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन की बात कर रही है, जबकि पश्चिमी सिंहभूम में करीब 40 लौह अयस्क खदानें पिछले कई वर्षों से बंद हैं।

सवाल उठाया गया कि खदानों के बंद रहने से स्थानीय रोजगार प्रभावित हुआ है और ग्रामीणों के पलायन की स्थिति बन रही है। ऐसे में इस समस्या के समाधान के लिए कांग्रेस की ओर से क्या पहल की जा रही है।

इस पर देबू चटर्जी ने कहा कि सरकार इस दिशा में प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उपायुक्त से इस संबंध में फीडबैक नहीं मिल रहा है। डीएमएफटी फंड से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रावधान के अनुसार इसका लाभ स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए, लेकिन स्थानीय लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।

लाल पानी की समस्या पर भी पूछे सवाल

पत्रकारों ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाया। ग्रामीणों के लाल पानी पीने की समस्या का उल्लेख करते हुए पूछा गया कि खनिज संपदा से राजस्व मिलने के बावजूद स्थानीय लोगों को स्वच्छ पेयजल क्यों नहीं मिल पा रहा है।

देबू चटर्जी ने स्वीकार किया कि क्षेत्र में लोग लाल पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने इस समस्या को लेकर सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया।

मलेरिया से होने वाली मौतों पर सिविल सर्जन से बात करने की बात

क्षेत्र में मलेरिया की समस्या और इससे होने वाली मौतों के संबंध में भी पत्रकारों ने सवाल किया। इस पर देबू चटर्जी ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस की ओर से सिविल सर्जन से बात की जाएगी।

पत्रकारों ने सवाल किया कि यदि स्वास्थ्य और पेयजल जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं तो इनके समाधान के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे। इस पर उन्होंने सरकार के प्रयासरत होने की बात कही और केंद्र सरकार की योजनाओं से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया।

जल-नल योजना और मनरेगा को लेकर भी उठाया मुद्दा

देबू चटर्जी ने कहा कि उनके अनुसार भारत सरकार की जल-नल योजना का पैसा रोक दिया गया है तथा मनरेगा का अतिरिक्त बोझ राज्य सरकार पर डाला गया है। वहीं बंद खदानों को शुरू कराने और पलायन रोकने से जुड़े सवालों पर उन्होंने सरकार से फीडबैक लेने की बात कही।

श्रीराम मंदिर चंदे में पारदर्शिता की मांग

प्रेस वार्ता में राकेश तिवारी ने श्रीराम मंदिर निर्माण के नाम पर प्राप्त चंदे से जुड़े आरोपों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में तथ्यों और दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग कर रही है।

MMDR संशोधन विधेयक पर कांग्रेस ने रखा पक्ष

देबू चटर्जी ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर झारखंड के खनिज संसाधनों, राजस्व और केंद्र-राज्य अधिकारों से जुड़े सवाल उठाए।

वहीं सैमसन सुंडी ने कहा कि जल, जंगल और जमीन से जुड़े प्राकृतिक संसाधनों का सीधा संबंध स्थानीय लोगों की आजीविका और पर्यावरण से है।

26 सितंबर को लोक भवन मार्च, अक्टूबर में प्रखंड स्तर पर आंदोलन

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि 26 सितंबर को रांची के शहीद स्थल, शहीद चौक स्थित कांग्रेस भवन के समीप से लोक भवन तक मार्च निकाला जाएगा और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके अलावा 5 से 10 अक्टूबर तक प्रखंड स्तर पर मार्च-प्रदर्शन किए जाएंगे।

प्रेस वार्ता का संचालन कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने किया। मौके पर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष नितिमा बारी, प्रदेश प्रतिनिधि अनुप्रिया सोय और वरीय कांग्रेसी लाल बहादुर सिंह मौजूद रहे।

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