बहरागोड़ा में पानी निकासी बंद करने का आरोप, मिट्टी का मकान ढहा; 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला मलबे में दबी

बहरागोड़ा (पूर्वी सिंहभूम)। बहरागोड़ा प्रखंड के केकमारा गांव में पानी निकासी को लेकर हुए विवाद के बीच एक कच्चा मकान ढह गया। हादसे में 72 वर्षीय आशा राणा मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें इलाज के लिए बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

घटना को लेकर पीड़ित परिवार ने बहरागोड़ा के अंचल अधिकारी को लिखित शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता कल्पना राणा, पति विश्वनाथ राणा के अनुसार, उनके घर के सामने करीब 30 डिसमिल रैयती जमीन है, जो उनके पति और देवर सनातन राणा के नाम पर है।
परिवार का आरोप है कि पड़ोस के प्रदीप पेंड़ा, जहरलाल पेंड़ा, सिकंदर सॉइन, गोपाल और अमृत पेंड़ा ने रास्ते पर मिट्टी डालकर पानी की निकासी का रास्ता बंद कर दिया। इससे बारिश का पानी घर के आसपास जमा होने लगा और कच्चे मकान की दीवारों में लगातार सीलन बढ़ती गई।
पीड़ित परिवार का कहना है कि पानी निकासी का रास्ता खोलने के लिए पड़ोसियों से कई बार अनुरोध किया गया। मामला स्थानीय थाना तक भी पहुंचा। परिवार के अनुसार, पुलिस टीम रात करीब 8:30 बजे मौके पर पहुंची थी, लेकिन इसके बावजूद पानी निकासी के लिए मिट्टी नहीं हटाई गई।
बताया गया कि 25 सितंबर 2026 की सुबह करीब 8:15 बजे लगातार पानी जमा होने के कारण मकान की दीवार अचानक ढह गई। उस समय घर के अंदर मौजूद 72 वर्षीय आशा राणा मलबे के नीचे दब गईं। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि पानी निकासी बंद किए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। परिवार ने अंचल अधिकारी से पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने और पानी निकासी की व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है।
नोट: पड़ोसियों पर लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के कथन पर आधारित हैं। मामले में प्रशासन अथवा आरोपित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।




