
बहरोगाड़ा : दरीसोल गांव में नवनिर्मित श्रीराम मंदिर के तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को धार्मिक उल्लास और श्रद्धा के माहौल में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत 158 कुंवारी कन्याओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुई। कन्याएं 7 किलोमीटर दूर स्थित साबलमारा देव नदी घाट पहुंचीं, जहां बनारस से आए आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जलभरी की रस्म संपन्न कराई गई। पूरे मार्ग में ‘जय श्रीराम’ के जयघोष, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। ग्रामीणों ने जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत किया और यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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72 घंटे का अखंड हरिनाम संकीर्तन और महायज्ञ बना आकर्षण का केंद्र
जलभरी के बाद कलशों को मंदिर परिसर में स्थापित किया गया, जहां 72 घंटे का अखंड हरिनाम संकीर्तन एवं महायज्ञ शुरू हुआ। प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्रों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं। आयोजन समिति के सदस्य चंद्रशेखर सिंह, आदित्य प्रधान, मुन्नी देवी समेत अन्य ग्रामीण कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा से क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिलेगी।




