Jadugoda : भाटीन गांव में आदिवासी युवाओं ने मनाया शिकार पर्व, मरांग बुरु से मांगी अच्छी बारिश की कामना

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पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ युवाओं ने निभाई सांस्कृतिक विरासत
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नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बना शिकार पर्व
जादूगोड़ा : जादूगोड़ा के भाटीनं गांव में आदिवासी युवाओं ने पारंपरिक उत्साह के साथ शिकार पर्व मनाया। इस अवसर पर युवाओं ने पारंपरिक हथियारों के साथ अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का निर्वहन किया। पर्व की शुरुआत गांव के नायके द्वारा मरांग बुरु की पूजा-अर्चना से हुई। पूजा के दौरान ग्रामीणों ने जानवरों से सुरक्षा, अच्छी बारिश और बेहतर खेती-बाड़ी के लिए प्रार्थना की तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
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मरांग बुरु की पूजा के साथ हुई शिकार पर्व की शुरुआत
ग्रामीणों ने बताया कि शिकार पर्व की परंपरा आदिम काल से चली आ रही है और आज भी नई पीढ़ी इसे पूरी श्रद्धा के साथ निभा रही है। उन्होंने कहा कि इस पर्व का उद्देश्य वन्य जीवों का शिकार करना नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। पर्व के माध्यम से समाज अपनी सांस्कृतिक पहचान को जीवंत रखने का प्रयास करता है।




