
घाटशिला : प्रखंड के फूलपाल गांव में बुधवार को परमवीर चक्र विजेता कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार वीर अब्दुल हमीद की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शेख अखरुद्दीन सहित गांव के अनेक लोगों ने वीर अब्दुल हमीद के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके अदम्य साहस, देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा कि वीर अब्दुल हमीद भारतीय सेना के उन महान योद्धाओं में शामिल हैं, जिनके शौर्य और बलिदान पर पूरा देश गर्व करता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके जीवन से प्रेरणा लेने और देशहित को सर्वोपरि रखने का संदेश भी दिया।
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1965 के युद्ध में दिखाए गए अद्वितीय पराक्रम को किया याद
श्रद्धांजलि सभा के दौरान वक्ताओं ने वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध में वीर अब्दुल हमीद के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि युद्ध के दौरान वीर अब्दुल हमीद ने अपनी रेकोइललेस गन से पाकिस्तानी सेना के कई पैटन टैंकों को ध्वस्त कर भारतीय सेना के अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय दिया था। उनके इस असाधारण शौर्य और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य वीरता सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद का त्याग, राष्ट्रभक्ति और वीरता आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। कार्यक्रम का समापन उनके आदर्शों पर चलने तथा राष्ट्र सेवा के लिए सदैव समर्पित रहने के संकल्प के साथ किया गया।




