खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए हर साल बनानी पड़ती है अस्थायी मेड़, हेंदेगोड़ा नदी पर चेक डेम की मांग

डुमरिया। पोटका विधानसभा क्षेत्र के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत केंदुआ पंचायत के बोमरो गांव में हेंदेगोड़ा नदी पर चेक डेम निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने नदी के बीच खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि नदी में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने के बावजूद जल संरक्षण और सिंचाई की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों को हर वर्ष परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार धान की खेती के समय नदी के पानी को खेतों तक पहुंचाने के लिए गांव के लोग सामूहिक रूप से श्रमदान करते हैं। नदी में अस्थायी मेड़ और रास्ता तैयार कर नाले के माध्यम से पानी को खेतों तक पहुंचाया जाता है। इसी अस्थायी व्यवस्था के सहारे किसानों की फसल की सिंचाई हो पाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि हेंदेगोड़ा नदी आसपास के सैकड़ों किसानों की खेती के लिए महत्वपूर्ण जलस्रोत है। इसके बावजूद आज तक नदी पर स्थायी चेक डेम का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या कोई नई नहीं है। उनका दावा है कि आजादी से पहले से ही ग्रामीण इसी तरह अस्थायी व्यवस्था बनाकर खेती के लिए नदी का पानी खेतों तक पहुंचाते आ रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया है। आश्वासन भी मिले, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। हर वर्ष ग्रामीणों को अपने स्तर पर नदी में मेड़ बनाकर सिंचाई की व्यवस्था करनी पड़ती है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से हेंदेगोड़ा नदी का स्थल निरीक्षण कर जल संरक्षण एवं सिंचाई की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि नदी पर चेक डेम का निर्माण होने से बरसात के पानी का संचयन किया जा सकेगा और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। इससे खेती पर निर्भर ग्रामीण परिवारों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
विरोध प्रदर्शन में सनातन कर्मकार, बोडो हांसदा, रघुनाथ सोरेन, लखन सोरेन, दुखु हेम्ब्रोम, दिकू मुर्मू, शंकर सबर, सीता हेम्ब्रोम, सानिया सोरेन सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।




