भाजपा के विरोध प्रदर्शन पर पत्थरबाजी के आरोप, जमशेदपुर में राहुल गांधी का पुतला दहन

जमशेदपुर: भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान कथित पत्थरबाजी की घटना के विरोध में मंगलवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए साकची स्थित जुबिली पार्क गोलचक्कर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया। भाजपा ने इस घटना की निंदा करते हुए जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा के नेतृत्व में आयोजित विरोध प्रदर्शन में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू मुख्य रूप से शामिल हुईं। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिला भाजपा कार्यालय से जुबिली पार्क गोलचक्कर तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के सम्मान और छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
भाजपा के अनुसार, जेएनयू में कांग्रेस सांसद एवं प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर 11 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर न्याय की मांग करते हुए भाजपा महिला मोर्चा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था। इसी दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पत्थरबाजी करने का आरोप लगाया गया। भाजपा नेताओं का दावा है कि इस घटना में दर्जनों कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। हालांकि, इन आरोपों और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
पूर्णिमा साहू ने कांग्रेस नेतृत्व पर उठाए सवाल
विधायक पूर्णिमा साहू ने कथित पत्थरबाजी की निंदा करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पत्थरबाजी करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इसी घटना के विरोध में भाजपा ने राहुल गांधी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
पूर्णिमा साहू ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि महिला सुरक्षा और सम्मान की बात करने वाले कांग्रेस नेता इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग की।
संजीव सिन्हा ने की कार्रवाई की मांग
भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने आरोप लगाया कि महिला मोर्चा के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी कर विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास किया। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटना में शामिल लोगों की पहचान करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है और किसी भी विवाद का समाधान हिंसा के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।
कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
पुतला दहन कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, चंद्रशेखर मिश्रा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजन सिंह, मनोज सिंह, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले, जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति, कुलवंत सिंह बंटी, संजीव सिंह, अमरजीत सिंह, राजा राजीव सिंह, जितेंद्र राय, संजीत चौरसिया, बिनोद सिंह, नीलू मछुआ, पप्पू सिंह, धर्मेंद्र प्रसाद, प्रदीप मुखर्जी, नीतिश कुशवाहा, मंजीत सिंह, शैलेश गुप्ता, बिनोद राय, उपेंद्र गिरी, रंजीत सिंह, मारुति नंदन पांडेय, पप्पू उपाध्याय, कुमार अभिषेक, विकास शर्मा, रितेश झा, जुगनू वर्मा, श्रीराम प्रसाद, पवन सिंह, अजय सिंह, कमलेश सिंह, प्रकाश दुबे, कंचन दत्ता, रानी ठाकुर, सीमा दास, रॉकी सिंह, ममता भूमिज, बिनानंद सिरका, अमरेंद्र कुमार और एस. कार्तिक समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।




