कोल्हान

चुनावी हार की हताशा में संवैधानिक संस्थाओं पर हमला बंद करे कांग्रेस : गीता बालमुचू*

चाईबासा: झारखंड में कांग्रेस द्वारा काला दिवस मनाने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का विरोध करने तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भाजपा की पश्चिमी सिंहभूम जिला अध्यक्ष गीता बालमुचू ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनावी हार की हताशा में कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

गीता बालमुचू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को उनके पक्ष में ठोस प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए। लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति या संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति पर आरोप लगाना आसान है, लेकिन आरोपों को साबित करने के लिए तथ्य और साक्ष्य जरूरी हैं। केवल बयानबाजी और सड़कों पर प्रदर्शन करके जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों का राष्ट्रपति से मिलना और निर्वाचन आयोग के खिलाफ विरोध जताना उनका राजनीतिक अधिकार है। लेकिन यदि कांग्रेस के पास चुनावी प्रक्रिया में अनियमितता के प्रमाण हैं, तो उसे संबंधित संवैधानिक संस्थाओं और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करने या पुतला दहन करने से आरोप साबित नहीं हो जाते।

भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में चुनावी प्रक्रिया के तहत जनता अपने मताधिकार से सरकार चुनती है। जब चुनाव परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आते हैं, तब उसे लोकतंत्र पर भरोसा रहता है, लेकिन भाजपा की जीत होने पर कांग्रेस निर्वाचन प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगती है। उन्होंने इसे कांग्रेस का दोहरा रवैया बताया।

गीता बालमुचू ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाकर कांग्रेस अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों से बच नहीं सकती। राष्ट्रीय सुरक्षा और संवैधानिक व्यवस्था जैसे गंभीर विषयों पर तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन सवालों के साथ तथ्य और तर्क भी होने चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी पराजयों के बाद कांग्रेस अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए आंदोलन और विवादों का सहारा ले रही है। निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के लिए ठोस आधार होना जरूरी है।

गीता बालमुचू ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र, संविधान और स्वतंत्र निर्वाचन व्यवस्था की मजबूती में विश्वास करती है। कांग्रेस को पुतला दहन और इस्तीफे की मांग की राजनीति छोड़कर जनता के वास्तविक मुद्दों पर सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए। जनता राजनीतिक विवादों के बजाय जवाबदेही, विकास और समस्याओं के समाधान की अपेक्षा करती है।

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