खरकई लिफ्ट सिंचाई योजना के लिए जल उपभोक्ता समितियों का गठन, किसानों को मिली अहम जिम्मेदारी

सरायकेला, रिपोर्ट- रविकांत गोप। खरकई लिफ्ट सिंचाई योजना के कमांड क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जल उपभोक्ता समितियों का गठन किया गया है। केंद्र सरकार की 60 प्रतिशत वित्तीय भागीदारी वाली इस योजना के तहत अब किसानों को सिंचाई व्यवस्था के संचालन और रखरखाव में सीधे भागीदार बनाया जा रहा है।

योजना के तहत प्रत्येक पांच हेक्टेयर कृषि क्षेत्र से एक प्रतिनिधि का चयन किया गया। इस प्रक्रिया में कुल 226 प्रतिनिधि चुने गए, जिनके माध्यम से 17 सदस्यीय कार्यकारिणी समितियों का गठन किया गया। समितियों का कार्यकाल तीन वर्ष निर्धारित किया गया है। इन समितियों की जिम्मेदारी किसानों के बीच पानी का उचित वितरण, सिंचाई व्यवस्था का संचालन और आवश्यक रखरखाव सुनिश्चित करना होगा।
गम्हरिया अंचल के गंजिया स्थित सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के किसान भवन में आयोजित बैठक में 10 गांवों के किसानों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से पर्वती सरदार को अध्यक्ष चुना गया। वहीं बेनी माधव महतो और बुद्धेश्वर गोरई उपाध्यक्ष, राम कृष्ण महतो सचिव तथा चिरंदीता सरदार कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुईं।
इसी क्रम में राजनगर अंचल के जोटा पंचायत भवन में भी भीमखांदा जल उपभोक्ता समिति का गठन किया गया। इसमें 11 गांवों के प्रतिनिधि शामिल हुए। रुद्र प्रताप को अध्यक्ष, जोबा रानी सोरेन और ललिता महतो को उपाध्यक्ष, प्रभात कुमार महतो को सचिव तथा रीना रानी मार्डी को कोषाध्यक्ष चुना गया।
ग्राम सभाओं की अध्यक्षता अधीक्षण अभियंता सह राज्य नोडल पदाधिकारी कुमार अरविन्द ने की। निर्वाचन प्रक्रिया में खरकई नहर प्रमंडल, आदित्यपुर के कार्यपालक अभियंता ई. दुर्गा चरण मार्डी और जिला कृषि पदाधिकारी अमित सुमन ने संयुक्त निर्वाचन पदाधिकारी के रूप में भूमिका निभाई।
अधिकारियों के अनुसार, जल उपभोक्ता समितियों के गठन से सिंचाई व्यवस्था में किसानों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी। इससे खेतों तक पानी पहुंचाने, जल वितरण में समन्वय स्थापित करने और सिंचाई तंत्र के स्थानीय स्तर पर रखरखाव को मजबूत करने में मदद मिलेगी।




