जमशेदपुर: मनिफिट टीओपी चौक के सब्जी दुकानदारों को हटाने का विरोध, दो माह की मोहलत पर बनी सहमति
बंटी सिंह और दुकानदारों ने कार्रवाई का विरोध किया, कंपनी प्रबंधन और प्रशासन के साथ त्रिपक्षीय वार्ता में वैकल्पिक व्यवस्था पर चर्चा

जमशेदपुर: मनिफिट टीओपी चौक के समीप वर्षों से दुकान लगाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे सब्जी दुकानदारों को हटाने पहुंचे लोगों का दुकानदारों ने विरोध किया। सूचना मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं मजदूर नेता बंटी सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दुकानदारों के पक्ष में खड़े होकर उन्हें हटाने की कार्रवाई का विरोध किया।
दुकानदारों के समर्थन में सड़क जाम किए जाने से बड़े वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कंपनी प्रबंधन, पुलिस अधिकारियों और दुकानदारों के बीच वार्ता कराई।
त्रिपक्षीय वार्ता में दो माह की मोहलत पर सहमति
कंपनी प्रबंधन की ओर से सुनील सिंह, बर्मामाइंस थाना प्रभारी, टेल्को थाना प्रभारी और गोविंदपुर थाना प्रभारी की मौजूदगी में दुकानदारों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता हुई। दुकानदारों की ओर से समाजसेवी सह मजदूर नेता बंटी सिंह और आजसू नेता अप्पू तिवारी ने पक्ष रखा।
वार्ता के बाद फिलहाल दुकानदारों को दो माह की मोहलत देने पर सहमति बनी है। इस अवधि में दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर बातचीत की जाएगी।
“दुकानदारों को बसाने के बाद ही हटाए कंपनी”
बंटी सिंह ने कहा कि वर्षों से दुकान लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे लोगों को अचानक हटाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि टाटा कंपनी दुकानें हटाना चाहती है तो पहले दुकानदारों के लिए व्यवस्थित वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना होगा।
उन्होंने कहा कि कंपनी की ओर से जेमको से मनिफिट मार्ग में दुकान लगाने की अनुमति दिए जाने की बात कही जा रही है, जबकि दुकानदार डीवीसी के समीप उपयुक्त स्थान पर दुकान लगाने की अनुमति की मांग कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर कंपनी और दुकानदारों के बीच पहले से विवाद चल रहा है।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी
बंटी सिंह ने कहा कि दो दिनों के भीतर इस मुद्दे पर पुनः वार्ता की जाएगी। यदि दुकानदारों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया और उन्हें उचित वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई, तो दुकानदारों के हित में आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर कंपनी गेट जाम कर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी।
उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि दुकानदारों के रोजगार और सम्मान के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन से ऐसा समाधान निकालने की अपील की, जिससे दुकानदारों का रोजगार भी सुरक्षित रहे और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो।
बंटी सिंह ने कहा कि दुकानदारों को हटाने से पहले उन्हें बसाना होगा, अन्यथा सड़क से लेकर कंपनी गेट तक आंदोलन किया जाएगा।
आंदोलन में बंटी सिंह, अप्पू तिवारी, मुन्ना चौबे, चिंटू सिंह, हृतिक चौबे, सविता सिंह, शांति देवी, पिंकी सिंह समेत क्षेत्र के सैकड़ों युवा, महिलाएं और अन्य लोग मौजूद रहे।




