मनोहरपुर गणेश मेला में सजी सांस्कृतिक संध्या, झूमर गीतों पर देर रात तक झूमे दर्शक
कुड़माली, नागपुरी, संथाली, संबलपुरी और हिंदी में कलाकारों ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां, ढोल-मांदर की थाप से गूंजा मेला परिसर

मनोहरपुर: गणेश पूजा मेला के अवसर पर सोमवार की शाम मेला परिसर में आयोजित सांस्कृतिक संध्या देर रात तक दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। रंगारंग कार्यक्रम में स्थानीय लोक संस्कृति और पारंपरिक झूमर गीत-संगीत की प्रस्तुतियों ने लोगों का खूब मनोरंजन किया।
रंजीत यादव ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद उपाध्यक्ष सह आयोजन समिति के मुख्य संरक्षक रंजीत यादव ने किया। उन्होंने आमंत्रित कलाकारों और दर्शकों का अभिवादन करते हुए सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत की।
इसके बाद रोसीकिया झूमर रंजित महतो ग्रुप के कलाकारों ने मंच संभाला और अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
पांच भाषाओं में लोक संस्कृति की झलक
कलाकारों ने कुड़माली, नागपुरी, संथाली, संबलपुरी और हिंदी भाषाओं में झूमर नृत्य, गीत-संगीत और आकर्षक झांकियों की प्रस्तुति दी। पारंपरिक वाद्ययंत्र ढोल-मांदर की थाप और कर्णप्रिय लोकगीतों ने पूरे मेला परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया।
कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शक भी उत्साह से झूमते नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। देर रात तक चले कार्यक्रम के दौरान मेला परिसर में दर्शकों की भीड़ बनी रही।
मेले की रौनक में बढ़ा सांस्कृतिक रंग
गणेश पूजा मेला अब समापन की ओर बढ़ रहा है, लेकिन मेले को लेकर लोगों का उत्साह और उमंग बरकरार है। सांस्कृतिक संध्या ने मेले की रौनक में और इजाफा किया और लोगों को स्थानीय लोक संस्कृति से जुड़ने का अवसर दिया।




