Jamshedpur : स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026 के लिए एनआईटी जमशेदपुर में आंतरिक हैकाथॉन का सफल समापन
66 टीमों की भागीदारी, 45 टीमों का अगले चरण के लिए हुआ चयन

जमशेदपुर : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (SIH) 2026 के लिए आयोजित आंतरिक हैकाथॉन का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस अवसर पर दोपहर 12:30 बजे वैलिडिक्टरी समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान के निदेशक, कुलसचिव, डीन, विभागाध्यक्ष, निर्णायकगण, शिक्षक, टीम लीडर्स और प्रतिभागी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन भारत सरकार की एक प्रमुख छात्र-केंद्रित नवाचार पहल है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को मंत्रालयों, सरकारी विभागों, उद्योगों और अन्य संस्थाओं की वास्तविक समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। वर्ष 2017 में शुरू हुई यह पहल आज देश में नवाचार, उद्यमिता और समस्या-समाधान आधारित शिक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है।
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कड़ी मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद 45 टीमों का चयन
एनआईटी जमशेदपुर में आयोजित इस आंतरिक हैकाथॉन को विद्यार्थियों की ओर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। प्रतियोगिता के लिए कुल 66 टीमों ने पंजीकरण कराया था। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक टीम में छह सदस्य और कम-से-कम एक महिला प्रतिभागी शामिल थी। प्रतिभागियों ने विभिन्न तकनीकी और सामाजिक समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 45 टीमों का चयन अगले चरण के लिए किया गया, जबकि दो टीमों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया। चयनित टीमें अब राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले अगले चरण में संस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगी।
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नवाचार को पेटेंट और स्टार्टअप में बदलने का दिया संदेश
समारोह की शुरुआत SIH 2026 के SPOC डॉ. सूरजित कुंडू के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने प्रतिभागी टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हैकाथॉन केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को टीमवर्क, समय प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करना सिखाने का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने नवाचारों को पेटेंट और कॉपीराइट के माध्यम से सुरक्षित करने का आह्वान किया। वहीं कुलसचिव प्रो. सरोज कुमार सारंगी ने संस्थान की ओर से ऐसे नवाचार कार्यक्रमों को हरसंभव प्रशासनिक सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने विशेष रूप से महिला विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए “नारी शक्ति” को तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
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शोध, रचनात्मकता और समस्या समाधान क्षमता को मिल रहा बढ़ावा
डीन (रिसर्च एंड कंसल्टेंसी) प्रो. सतीश कुमार ने कहा कि हैकाथॉन जैसे आयोजन विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, अनुसंधान और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान विद्यार्थियों के नवाचारों को संरक्षित करने के लिए पेटेंट फाइलिंग और कॉपीराइट पंजीकरण हेतु वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न परियोजनाओं और तकनीकी समाधानों को देखकर निर्णायकों ने प्रतिभागियों की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने में ऐसे नवाचार आधारित कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और युवाओं को वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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चयनित टीमें अब राष्ट्रीय स्तर पर करेंगी संस्थान का प्रतिनिधित्व
अपने संबोधन में एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार ने कहा कि संस्थान के विद्यार्थी लगातार विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हैकाथॉन में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों को उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों के समाधान पर कार्य करने तथा अपने नवाचारों को स्टार्टअप और उद्यमिता में बदलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सफल आयोजन के लिए डीन (R&C), SPOC डॉ. सूरजित कुंडू और पूरी आयोजन टीम को बधाई दी। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। सामूहिक फोटोग्राफी और चाय-नाश्ते के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस सफल आयोजन ने संस्थान में नवाचार, उद्यमिता, टीमवर्क और तकनीकी नेतृत्व की संस्कृति को और अधिक मजबूत किया है।




