चाईबासा: अवैध हथियार रखने के मामले में रघु पूर्ति को तीन साल की सजा
चक्रधरपुर की अदालत ने सुनाया फैसला, 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव थाना कांड संख्या 08/2025 में अवैध हथियार रखने के मामले में अदालत ने अभियुक्त रघु पूर्ति उर्फ पाते को तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अजय कुमार सिंह की अदालत, चक्रधरपुर ने 15 सितंबर 2026 को मामले में फैसला सुनाया।
मामला 6 फरवरी 2025 को बंदगांव थाना में दर्ज किया गया था। रघु पूर्ति उर्फ पाते, पिता मड़की पूर्ति, निवासी ग्राम गुण्डुई, थाना बंदगांव, पश्चिमी सिंहभूम के खिलाफ प्रतिबंधित पीएलएफआई संगठन से जुड़े होने, अवैध हथियार व गोलियां रखने, संगठन की चंदा रसीद रखने तथा चोरी की मोटरसाइकिल के इस्तेमाल के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में बीएनएस की धारा 303(2), 317(2), आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी), 26, 25 तथा 17 सीएलए एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।
पुलिस के अनुसार, 6 फरवरी 2025 को सूचना मिली थी कि पीएलएफआई संगठन का एक सक्रिय सदस्य बंदगांव की ओर आ रहा है। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी ने छापामारी दल का गठन किया। टीम में सअनि प्रभु उरांव, बंदगांव थाना पुलिस तथा सेट-55 के सशस्त्र बल शामिल थे। टीम सुबह करीब 7:30 बजे थाना से रवाना हुई।
ग्राम मेरोमगुटू पार करने के बाद मोड़ के समीप पुलिस ने मुरूमबुरा की ओर से दो लोगों को मोटरसाइकिल पर आते देखा। पुलिस को देखकर दोनों मोटरसाइकिल मोड़कर भागने लगे। इसी दौरान मोटरसाइकिल गिर गई और दोनों जंगल की ओर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर एक व्यक्ति रघु पूर्ति उर्फ पाते को पकड़ लिया, जबकि दूसरा व्यक्ति जंगल का लाभ उठाकर फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में रघु पूर्ति ने खुद को पीएलएफआई संगठन के लिए काम करने और संगठन के लिए लेवी वसूलने की बात बताई। फरार व्यक्ति की पहचान गोपाल बाड़ोन्दियार, पिता जगरनाथ बाड़ोन्दियार, ग्राम तोब, थाना अड़की, जिला खूंटी के रूप में बताई गई।
पुलिस ने रघु पूर्ति की तलाशी ली, जिसमें उसके पास से कमर में रखा एक देशी कट्टा, दो जिंदा गोलियां, तीन चंदा रसीद, वीवो कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल फोन और होंडा सीडी 110 डीलक्स मोटरसाइकिल बरामद होने की बात कही गई। मोटरसाइकिल के संबंध में कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किया गया था। पुलिस ने सभी सामान जब्त कर लिया।
अनुसंधान के बाद पुलिस ने रघु पूर्ति को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया और साक्ष्य एकत्र करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई जीआर संख्या 80/2025 के तहत हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अजय कुमार सिंह की अदालत ने रघु पूर्ति उर्फ पाते को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी) के तहत तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।




