
चाईबासा।प्रकाश गुप्ता: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति, विरासत, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों को लेकर अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस की ओर से मंगलवार को कांग्रेस भवन चाईबासा में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता का संयोजन कांग्रेस जिला प्रवक्ता सह महासचिव त्रिशानु राय ने किया। कार्यक्रम को अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक दीनबंधु बोयपाई और कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने संबोधित किया।

दीनबंधु बोयपाई ने विश्व आदिवासी दिवस पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की ओर से आदिवासी समाज को बधाई नहीं दिए जाने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 9 अगस्त को देशभर में विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति, गौरवशाली विरासत, सम्मान और अधिकारों के उत्सव के रूप में मनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री की ओर से आदिवासी समाज को बधाई नहीं दी गई।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा के 25 आदिवासी सांसदों में से 20 सांसदों ने भी विश्व आदिवासी दिवस पर अपने समाज को शुभकामनाएं नहीं दीं। इसके अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, असम और गुजरात के भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की ओर से भी बधाई नहीं दिए जाने पर उन्होंने सवाल खड़े किए।
दीनबंधु बोयपाई ने कहा कि मामला केवल बधाई देने या नहीं देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे की राजनीतिक सोच पर भी सवाल उठता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को चुनाव के समय आदिवासी समाज और उसके वोट की याद आती है, जबकि चुनाव के बाद आदिवासी समाज की पहचान, सम्मान और अधिकार राजनीतिक विमर्श से पीछे चले जाते हैं।
उन्होंने जल, जंगल, जमीन, रोजगार, शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए आरोप लगाया कि आदिवासी समाज की मूल पहचान को कमजोर करने का वैचारिक प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल शब्दों का विषय नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की ऐतिहासिक पहचान, अस्मिता, स्वाभिमान और अधिकारों से जुड़ा मामला है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि आदिवासी समाज झारखंड की पहचान, संस्कृति और सामाजिक संरचना की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जल, जंगल, जमीन, पेसा कानून, पांचवीं अनुसूची, वनाधिकार, शिक्षा, रोजगार और आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रही है और आगे भी मजबूती से उठाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के इतिहास, अस्मिता, संस्कृति, स्वाभिमान और अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर है। चुनाव के समय आदिवासी समाज को याद करना और बाद में उसकी समस्याओं एवं अधिकारों की अनदेखी करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष सुरेश सावैयां, प्रवक्ता सह महासचिव त्रिशानु राय, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव अविनाश कोड़ाह और प्रखंड अध्यक्ष सीताराम गोप सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




