सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक सेवा भर्ती फैसले का अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने किया स्वागत

जमशेदपुर: समाजवादी चिंतक एवं अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने न्यायिक सेवा में प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अदालत ने न्यायिक सेवा में प्रवेश के लिए आवश्यक वकालत के अनुभव से जुड़े नियमों में बदलाव कर लॉ ग्रेजुएट्स के लिए अवसर आसान किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने संक्रमण काल के उम्मीदवारों के लिए विशेष व्यवस्था करते हुए बिना पूर्व वकालत अनुभव के भी पात्रता का प्रावधान किया है। चयन के बाद उम्मीदवारों को एक वर्ष की न्यायिक अकादमी ट्रेनिंग और एक वर्ष की संरचित क्लर्कशिप पूरी करनी होगी।
वहीं, 1 अप्रैल 2027 के बाद जारी होने वाली परीक्षा अधिसूचनाओं के लिए कम से कम एक वर्ष का सत्यापित सक्रिय वकालत अनुभव अनिवार्य होगा। चयन के बाद भी उम्मीदवारों को एक वर्ष की ट्रेनिंग तथा छह-छह महीने की दो चरणों वाली क्लर्कशिप करनी होगी।
सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि वकालत अनुभव की अनिवार्यता से मेधावी लॉ ग्रेजुएट्स को सीधे न्यायपालिका में जाने से हतोत्साहित होने की आशंका थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। उन्होंने फैसले को न्यायिक सेवा में युवाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।




